Last updated: September 24th, 2026 at 08:58 am

बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है। मलकानगिरी में लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम को आधिकारिक तौर पर ‘चक्रवात अर्नब’ नाम नहीं दिया गया है। इसे फिलहाल डीप डिप्रेशन यानी गहरे दबाव के रूप में ट्रैक किया जा रहा है।
मलकानगिरी में पुलों पर कई फीट पानी, संपर्क टूटा
लगातार बारिश के कारण मलकानगिरी में कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 पुलों के ऊपर कई फीट तक पानी बह रहा है। इसके कारण मलकानगिरी से कालीमेला, मोटू और पोडिया समेत कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
जिले से गुजरने वाले NH-326 पर भी पानी भरने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी। इससे हाईवे पर कई वाहन फंस गए। तेज बारिश और हवाओं के कारण कई जगह पेड़ गिरने से भी सड़कें बाधित हुई हैं। संवेदनशील पुलों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
रेड अलर्ट के बीच प्रशासन अलर्ट
मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर और कालाहांडी समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया था। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों, फायर सर्विस और अन्य राहत दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया है।
मलकानगिरी के एडीएम बेदाबर प्रधान के मुताबिक, अगले कुछ घंटे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई की ओर जाने-आने वाले कई वाहन भी प्रभावित इलाकों में फंसे हैं।
बालासोर में पेड़ गिरे, घर गिरने से एक की मौत
भारी बारिश और तेज हवाओं का असर बालासोर में भी देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने के बाद फायर सर्विस की टीमों ने रास्ते साफ किए। रेमुना में एक घर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा घायल बताया गया है।
फायर ऑफिसर अजय के अनुसार, बांकेश्वर इलाके में तीन स्थानों पर पेड़ गिरे, जिनमें से दो घरों पर जा गिरे। राहत टीमों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राजाबगीचा जंक्शन पर भी मलबा हटाने का काम किया गया। बालासोर के सभी फायर स्टेशन अलर्ट पर हैं और 12 स्टेशनों पर नावें उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि चार अतिरिक्त नावें स्टैंडबाय में रखी गई हैं।
किन राज्यों पर असर?
इस मौसम प्रणाली का प्रभाव ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तक बारिश के रूप में पहुंच सकता है। IMD के अनुसार, सिस्टम तट पार करने के बाद कमजोर हो रहा है, लेकिन कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा अभी बना हुआ है।
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