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दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशनों पर मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन की मंजूरी, 5.5 KM एलिवेटेड कॉरिडोर को भी हरी झंडी

    दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी
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    दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दिल्ली विकास प्राधिकरण के तहत आने वाले यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर यानी UTTIPEC की बैठक में छह मेट्रो स्टेशनों के लिए मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन यानी MMI योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही दक्षिण दिल्ली में 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है।

     

    मंजूर की गई छह MMI योजनाएं GTB नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशनों से संबंधित हैं। इन योजनाओं को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने तैयार किया था। इनका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने और वहां से आगे जाने वाले यात्रियों के लिए पैदल मार्ग, सार्वजनिक परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

     

    MMI योजना के तहत प्रत्येक स्टेशन के आसपास लगभग 300 मीटर के क्षेत्र को ध्यान में रखा गया है। इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों के लिए बेहतर रास्ते, पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ व्यवस्था, ऑटो-रिक्शा तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे स्टेशन के आसपास वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही कम करने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

     

    इन छह योजनाओं की मंजूरी के साथ दिल्ली मेट्रो के फेज-1 और फेज-2 कॉरिडोर के लिए DMRC द्वारा तैयार किए गए सभी 31 MMI प्लान को UTTIPEC की मंजूरी मिल गई है। इससे दिल्ली के अलग-अलग मेट्रो स्टेशनों को आसपास के सड़क नेटवर्क और दूसरे परिवहन साधनों से जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

     

    बैठक में दक्षिण दिल्ली के लिए एक 5.5 किलोमीटर लंबे छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई। यह कॉरिडोर आउटर रिंग रोड से मेहरौली-बदरपुर रोड तक मां आनंदमयी मार्ग पर प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार इसका एक उद्देश्य सड़क पर मौजूद करीब 12 प्रमुख इंटरसेक्शन को बायपास करना है। इससे ओखला फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों से आने-जाने वाले यातायात के कारण होने वाले दबाव को कम करने की योजना है।

     

    इस परियोजना के साथ ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास एक अंडरपास और गोलचक्कर बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है। अधिकारियों के अनुसार इससे इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव निर्माण पूरा होने और उनके संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।

     

    उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मुकरबा चौक क्षेत्र के लिए भी एक अलग सड़क परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत आउटर रिंग रोड पर मौजूदा रोड ओवर ब्रिज यानी ROB को छह लेन से बढ़ाकर 10 लेन करने की योजना है। इसके अलावा दिल्ली-सोनीपत रेलवे लाइन के ऊपर जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने के लिए चार लेन का नया ROB प्रस्तावित है।

     

    अधिकारियों के अनुसार मुकरबा चौक परियोजना का उद्देश्य मधुबन चौक और मुकरबा चौक के बीच यातायात के दबाव को कम करना है। नए चार-लेन ROB से इस क्षेत्र में मौजूदा यातायात का कुछ हिस्सा वैकल्पिक मार्ग पर जाने की उम्मीद है। इससे NH-44 के आसपास स्थित प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों की आवाजाही को भी व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।

     

    इन परियोजनाओं की मंजूरी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में सड़क यातायात और सार्वजनिक परिवहन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं। मेट्रो स्टेशनों के आसपास केवल स्टेशन भवन तक पहुंच उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यात्रियों के लिए स्टेशन से सड़क, बस, ऑटो और पैदल मार्ग तक आसान कनेक्शन भी जरूरी होता है। MMI योजनाएं इसी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर केंद्रित हैं।

     

    योजनाओं को मंजूरी मिल गई है, जबकि इनके निर्माण, चरणबद्ध क्रियान्वयन और समयसीमा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा तय की जाएगी। छह मेट्रो स्टेशनों के आसपास MMI काम और दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद दिल्ली के इन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच, पैदल आवाजाही और सड़क यातायात व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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