Last updated: September 25th, 2026 at 11:14 am

जम्मू-कश्मीर को लेकर ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि OIC को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न हिस्सा बताते हुए OIC के रुख को खारिज किया।
यह प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान OIC के जम्मू-कश्मीर संपर्क समूह की बैठक के बाद आई। OIC की ओर से जारी बयान में कश्मीर को लेकर आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन की बात दोहराई गई थी।
MEA ने कहा- OIC का कोई अधिकार नहीं
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। MEA के मुताबिक, भारत से जुड़े ऐसे मामलों पर टिप्पणी करना OIC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
मंत्रालय ने OIC के बार-बार ऐसे बयानों का समर्थन करने पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस तरह की राजनीतिक रूप से प्रेरित बातों को दोहराने से संगठन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
OIC ने कश्मीर पर क्या कहा?
OIC के आधिकारिक बयान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर संपर्क समूह की बैठक 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में हुई। संगठन ने कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन को दोहराया और क्षेत्र की मानवीय, मानवाधिकार तथा सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता जताई।
इस संपर्क समूह में पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, अजरबैजान और नाइजर शामिल हैं। OIC के अनुसार बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी हिस्सा लिया।
भारत ने पाकिस्तान का जिक्र कर OIC को दी सलाह
MEA ने OIC से कहा कि उसे पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे कथित ‘मनगढ़ंत और मकसद से प्रेरित प्रचार’ के लिए मंच उपलब्ध कराने के बजाय आतंकवाद के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।
मंत्रालय ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से भारत के सामने मौजूद आतंकवाद के खतरे का भी उल्लेख किया और OIC को इस मुद्दे पर पाकिस्तान से बात करने की सलाह दी।
भारत का रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न हिस्से हैं और कश्मीर से जुड़े मुद्दे उसके आंतरिक मामलों से संबंधित हैं। वहीं, OIC अपने आधिकारिक बयानों में कश्मीर को लेकर अलग रुख व्यक्त करता रहा है।
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