Last updated: September 26th, 2026 at 10:54 am

जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए जाने के मामले में पुलिस ने अब FIR दर्ज की है। सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि तस्वीर सागर प्रसाद ने ही X पर अपलोड की थी। तस्वीर बाद में हटा दी गई, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट और पोस्ट सोशल मीडिया पर फैल चुका था।
POCSO समेत इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
सचिवालय थाना कांड संख्या 200/26, 25 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया। FIR में BNS की धारा 73, POCSO Act की धारा 23 और Information Technology Act की धाराएं 66(E) और 67 लगाई गई हैं। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सीमा कुमारी को सौंपी गई है।
पुलिस की शिकायत के मुताबिक, जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर X पर अपलोड होने के बाद दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित हुई। शिकायत में कहा गया है कि इससे पीड़िता की निजता और गरिमा प्रभावित होने के साथ उसकी पहचान उजागर होने की स्थिति बनी। तस्वीर को आगे प्रसारित करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CM से मुलाकात के बाद पोस्ट हुई थी तस्वीर
यह पूरा विवाद 19 सितंबर को जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद शुरू हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल से परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की गई थी। पोस्ट में मुख्यमंत्री की ओर से पीड़िता को निर्भय होकर आगे बढ़ने और परिवार को जल्द न्याय का भरोसा दिलाने की बात कही गई थी। बाद में तस्वीर हटा दी गई।
तेजस्वी और मीसा भारती ने उठाए थे सवाल
तस्वीर सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और RJD सांसद मीसा भारती ने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए थे। तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि तस्वीर से नाबालिग की पहचान उजागर हो सकती है और POCSO एक्ट के तहत उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। मीसा भारती ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
अब सचिवालय थाने में CMO के कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। हालांकि, FIR में सागर प्रसाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और केवल FIR दर्ज होने से आरोप साबित नहीं होते।
अब पुलिस किन बिंदुओं की करेगी जांच?
जांच में पुलिस यह पता लगाएगी कि तस्वीर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर किस प्रक्रिया के तहत अपलोड हुई, इसे किसने उपलब्ध कराया और पोस्ट को आगे किन लोगों ने प्रसारित किया। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि तस्वीर से नाबालिग की पहचान किस तरह प्रभावित हुई और संबंधित कानूनी धाराएं मामले में किस हद तक लागू होती हैं।
फिलहाल उपलब्ध FIR में आरोपी के तौर पर सागर प्रसाद और तस्वीर को आगे प्रसारित करने वाले अन्य लोगों का जिक्र है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस FIR में आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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