Last updated: September 28th, 2026 at 03:20 pm

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। 25 से 27 सितंबर के बीच हुई लगातार बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 81 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। राज्य में 62 लोग घायल हुए हैं, जबकि 154 पशुओं की भी मौत हुई है। बारिश और जलभराव के कारण 2,254 मकानों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
बारिश की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में 48 घंटे के दौरान औसतन 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 7.6 मिलीमीटर रहती है। यानी बारिश सामान्य से लगभग 775 प्रतिशत अधिक रही। राज्य के 75 जिलों में से 56 जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क प्रभावित होने और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई।
बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सीतापुर भी शामिल है। यहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत की जानकारी है। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच मौतें दर्ज की गई हैं। अयोध्या, महाराजगंज और गोरखपुर में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार-चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग जिलों में मकानों, सड़कों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।
बारिश के कारण कई स्थानों पर निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दलों को लगाया गया है। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और तेज बहाव वाले पानी, नदियों तथा नालों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। कुछ प्रभावित जिलों में खराब मौसम को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों में अवकाश भी घोषित किया गया है।
भारी बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है और कई जगह कृषि भूमि प्रभावित हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 81 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि फसल नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है। जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे कर रही हैं।
बारिश से पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। राज्य में 154 पशुओं की मौत की सूचना है। हरदोई में पशुओं की मौत का आंकड़ा सबसे अधिक बताया गया है। ग्रामीण परिवारों के लिए पशुधन का नुकसान आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के सामने मानव सुरक्षा के साथ-साथ पशुधन और कृषि नुकसान का आकलन करने की चुनौती भी है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली के कमजोर होने के बाद भी कुछ इलाकों में मंगलवार तक हल्की बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
लगातार बारिश के कारण राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में भी सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कुछ स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से जल निकासी और प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। जहां जरूरत पड़ रही है, वहां बचाव दल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और बारिश के बाद होने वाले नुकसान का सही आकलन करने की है। जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता बनी हुई है। साथ ही खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए नुकसान का सर्वे भी किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी स्थिति पर प्रशासन और मौसम विभाग लगातार नजर रख रहे हैं। 81 लोगों की मौत और हजारों मकानों के क्षतिग्रस्त होने के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जलस्तर में बदलाव के आधार पर प्रभावित इलाकों में हालात की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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