Last updated: September 28th, 2026 at 03:24 pm

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हरदोई जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। बारिश से परेशान एक युवक ने राज्य के जनसुनवाई पोर्टल के जरिए भगवान इंद्रदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। युवक ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वह अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का इस्तेमाल कर इंद्रदेव को बारिश रोकने के निर्देश दें, ताकि जिले के लोगों को राहत मिल सके।
यह शिकायत हरदोई जिले के मल्लावां ब्लॉक के नेवादा परस गांव निवासी सूरज तिवारी ने 26 सितंबर को दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने लगातार हो रही बारिश को लेकर अपनी परेशानी बताई। उनका कहना था कि कभी तेज और कभी धीमी बारिश लगातार जारी है, जिससे आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
शिकायत में बारिश के कारण सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में पानी भरने की बात कही गई। युवक के मुताबिक जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बारिश से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता है।
शिकायत का सबसे अलग हिस्सा वह अपील थी जिसमें युवक ने जिलाधिकारी से इंद्रदेव से संपर्क करने का अनुरोध किया। सूरज तिवारी ने कहा कि उन्हें इंद्रदेव का मोबाइल नंबर मालूम नहीं है, इसलिए जिलाधिकारी अपने ‘दिव्य संपर्कों’ के माध्यम से उनसे बारिश नियंत्रित करने के लिए कहें। यह शिकायत सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि, शिकायत का अंदाज भले ही असामान्य हो, लेकिन हरदोई में बारिश से पैदा हुई समस्या वास्तविक है। जिला प्रशासन के अनुसार 25 से 27 सितंबर के बीच हुई अत्यधिक बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में जिले में सात लोगों की मौत हुई। इनमें बारिश से संबंधित घटनाओं के अलावा सर्पदंश से हुई मौतें भी शामिल हैं। सात अन्य लोगों के घायल होने और 30 मवेशियों की मौत की भी जानकारी दी गई है।
बारिश के कारण हरदोई में करीब 330 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। संडीला तहसील को प्रभावित क्षेत्रों में शामिल बताया गया है। वहां दो लोगों की मौत, छह लोगों के घायल होने और 87 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
हरदोई के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। राज्य में 25 से 27 सितंबर के बीच 48 घंटे में औसत 97.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि का सामान्य औसत करीब 4.5 मिलीमीटर बताया गया है। इस दौरान राज्य के 75 में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
राज्य स्तर पर बारिश और आंधी से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत तथा 46 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। एक हजार से अधिक मकानों के क्षतिग्रस्त होने और 107 पशुओं की मौत की सूचना दी गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। घाघरा और राप्ती समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हरदोई के युवक की शिकायत फिलहाल अपने अनोखे अंदाज के कारण चर्चा में है। यह शिकायत प्रशासनिक व्यवस्था में किसी वास्तविक कार्रवाई के बजाय लगातार बारिश से परेशान लोगों की स्थिति और उनकी परेशानी को अलग तरीके से सामने लाती है। दूसरी ओर, प्रशासन का ध्यान प्रभावित इलाकों में जलनिकासी, राहत सामग्री और सुरक्षित स्थानों तक लोगों को पहुंचाने पर बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है। हरदोई में दर्ज यह असामान्य शिकायत भी इसी व्यापक बारिश संकट के बीच सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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