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एंटीलिया केस में सचिन वाजे को जमानत, 5 जिलों में एंट्री पर रोक; कोर्ट ने लगाईं कई शर्तें

एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड में आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को विशेष NIA अदालत से जमानत
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एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड में आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को विशेष NIA अदालत से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने 29 सितंबर 2026 को वाजे की जमानत याचिका स्वीकार की। अदालत के आदेश के मुताबिक, उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानतदार के आधार पर रिहा किया जाएगा।

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    एंटीलिया मामले में फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास के पास जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र मिला था। इसके कुछ दिन बाद मनसुख हिरेन मृत पाए गए थे। NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में लेकर कई लोगों को आरोपी बनाया था।

    पांच जिलों में प्रवेश पर रोक

    जमानत देते हुए अदालत ने वाजे पर कई शर्तें लगाई हैं। मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने तक वह बृहन्मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

    उन्हें आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतर इन पांच जिलों से बाहर अपने प्रस्तावित आवास का पता अदालत को देना होगा। इसके अलावा अपना पासपोर्ट NIA के पास जमा करना होगा।

    हर रविवार पुलिस स्टेशन में देनी होगी हाजिरी

    अदालत ने वाजे को हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच स्थानीय पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा NIA या पुलिस की ओर से फोन अथवा वीडियो कॉल किए जाने पर उन्हें अपनी लोकेशन साझा करनी होगी।

    अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    लंबे समय से जेल में हैं वाजे

    जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत ने वाजे की लंबे समय से चली आ रही हिरासत और मुकदमे की व्यापकता को भी ध्यान में रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 13 मार्च 2021 से हिरासत में हैं। मामले में करीब 320 गवाह हैं और चार्जशीट 14 हजार से ज्यादा पन्नों की बताई गई है।

    अदालत ने मामले में UAPA के तहत आरोपों के संदर्भ में भी कुछ पहलुओं पर गौर किया। आदेश में कार में रखी जिलेटिन की छड़ों और डिटोनेटर की अनुपस्थिति के आधार पर कथित आतंकी कृत्य तथा देश की आर्थिक सुरक्षा पर खतरे से जुड़े पहलू पर प्रथमदृष्टया टिप्पणी की गई।

    अदालत ने यह भी नोट किया कि मामले में पीड़ितों या अंबानी परिवार के किसी सदस्य का बयान दर्ज नहीं किया गया है। साथ ही, कुछ अन्य आरोपियों को पहले ही अदालतों से जमानत मिल चुकी है। हालांकि, जमानत का यह आदेश मामले में वाजे के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण नहीं है। मामले की सुनवाई में आरोपों और साक्ष्यों पर आगे फैसला होना बाकी है।

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