Last updated: September 29th, 2026 at 12:09 pm

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार वाहनों के PUC यानी Pollution Under Control Certificate को लेकर 1 अक्टूबर से विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत बिना वैध PUC के चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी और मौजूदा प्रावधानों के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान की घोषणा की है।
किन वाहनों पर लागू होगा नियम?
नियम के तहत पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र होना जरूरी है। इलेक्ट्रिक वाहनों को टेलपाइप उत्सर्जन नहीं होने के कारण PUC की इस आवश्यकता से छूट है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115(7) के तहत वाहन के पहली बार पंजीकरण के एक साल बाद वैध PUC प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, 1 अक्टूबर से होने वाली सख्त जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी में चलने वाले वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें।
PUC सेंटरों पर भी होगी तकनीकी निगरानी
सरकार सिर्फ वाहन चालकों पर ही निगरानी नहीं बढ़ा रही है, बल्कि PUC जांच केंद्रों की व्यवस्था को भी तकनीक से मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने PUC केंद्रों की निगरानी और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रों पर कैमरों और सॉफ्टवेयर के जरिए जांच प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि बिना उचित जांच के प्रमाणपत्र जारी करने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।
बुराड़ी में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू
इसी अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने बुराड़ी में अत्याधुनिक Automated Testing Station (ATS) भी शुरू किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर को इसका उद्घाटन किया। पांच लेन वाले इस केंद्र की सालाना करीब 1 लाख वाहनों की फिटनेस जांच क्षमता बताई गई है। यहां ब्रेकिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट, साइड-स्लिप और उत्सर्जन स्तर समेत कई मानकों की तकनीक आधारित जांच की जाएगी।
वाहन मालिक अभी कर लें ये काम
अगर आपकी गाड़ी का PUC जल्द खत्म होने वाला है या पहले ही एक्सपायर हो चुका है, तो 1 अक्टूबर से पहले अधिकृत PUC केंद्र पर जाकर इसकी वैधता जांच करा लें। जांच के दौरान वैध प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने पर कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
अपने वाहन से जुड़े डिजिटल दस्तावेजों को DigiLocker या mParivahan पर भी अपडेट रखना उपयोगी है। दिल्ली सरकार के रिकॉर्ड के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज इन प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध हैं।
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