Last updated: October 1st, 2026 at 02:24 pm

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शनों और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने चिंता जताई है। संगठन ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदर्शन और असहमति से निपटने के तरीके से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
सरकार की कार्रवाई पर JKJAAC ने उठाए सवाल
JKJAAC की ओर से X पर कैसर खान के नाम से किए गए एक पोस्ट में पाकिस्तान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। संगठन ने यह आशंका जताई कि सरकार की मौजूदा कार्रवाई लोगों में असंतोष बढ़ा सकती है और उन्हें उग्रवाद की ओर धकेलने वाली परिस्थितियां पैदा कर सकती है।
पोस्ट में PoJK की स्थिति की तुलना बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के हालात से भी की गई। संगठन ने दावा किया कि इन दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को लगातार हिंसक हमलों का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन के सामने उग्रवादी गतिविधियों से निपटने की चुनौती बनी हुई है।
पाकिस्तान के मंत्रियों पर भी निशाना
JKJAAC ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी के बयानों और सरकार के कदमों की भी आलोचना की।
संगठन का आरोप है कि सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम उग्रवादी हमलों और सुरक्षा चुनौतियों को प्रभावी ढंग से रोकने में पर्याप्त साबित नहीं हुए हैं। पोस्ट में बलूचिस्तान में महिला आत्मघाती हमलावरों से जुड़ी कुछ रिपोर्टों का भी हवाला दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों की हिरासत का आरोप
JKJAAC ने PoJK में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने क्षेत्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा नागरिकों और पत्रकारों को कथित तौर पर हिरासत में लेने, छापेमारी करने और दबाव बनाने जैसी कार्रवाइयों का भी दावा किया गया है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के बीच बढ़ता मतभेद
पिछले कुछ महीनों में PoJK के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन और झड़पों की घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव को सामने रखा है। JKJAAC और क्षेत्रीय प्रशासन के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद जारी हैं।
मौजूदा विवाद मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था, शासन व्यवस्था और स्थानीय मांगों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया से जुड़ा है। JKJAAC और प्रशासन की ओर से घटनाओं और सरकारी कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र की स्थिति पर सामने आने वाले आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का पक्ष महत्वपूर्ण है।
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