Last updated: October 3rd, 2026 at 02:36 pm

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर 2 और 3 अक्टूबर को केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली जिले में अतिरिक्त बल तैनात किया और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोका रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास दिखाई दिया। पुलिस ने इन इलाकों में लोगों और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी यात्रियों को प्रभावित मार्गों से बचने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई। सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई। निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर तैनाती की निगरानी की और प्रदर्शन स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर भी असर पड़ा। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर और केंद्रीय दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया गया। प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली समेत कई स्टेशन शामिल थे। कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रही।
सड़क यातायात को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई। कनॉट प्लेस, जीपीओ, पटेल चौक, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, संसद मार्ग और अशोका रोड के आसपास वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के कारण वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा गया। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। एक रिपोर्ट में 550 लोगों के हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई, जबकि दूसरी रिपोर्ट में यह संख्या 1,000 से अधिक बताई गई। ऐसे आंकड़ों में अंतर अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के कारण हो सकता है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में तीन प्राथमिकी भी दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, मामले संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में दर्ज किए गए। इनमें सार्वजनिक आदेश का उल्लंघन, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। प्राथमिकी में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनकी पहचान और भूमिका जांच का विषय है।
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम का असर 3 अक्टूबर को भी दिखाई दिया। जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रही और प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग बनाए रखी गई। रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रदर्शनकारी और राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए, जबकि कुछ लोगों को बाद में छोड़े जाने की भी जानकारी सामने आई।
पूरे घटनाक्रम के कारण केंद्रीय दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। खासकर कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को ट्रैफिक पुलिस के ताजा निर्देशों के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मेट्रो यात्रियों के लिए भी प्रभावित स्टेशनों की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनाना जरूरी है।
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