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बिहार बाढ़ पर पप्पू यादव का सरकार पर हमला, विजय चौधरी से पूछा- नदी में गाद के लिए नासा जिम्मेदार है क्या?

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और जल संसाधन मंत्री सह
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बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और जल संसाधन मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी पर तीखा हमला बोला है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बाढ़ से निपटने की सरकारी व्यवस्था, नदियों में जमा गाद, तटबंधों की स्थिति और निर्माण कार्यों में हुए खर्च को लेकर कई सवाल उठाए। उनके कई आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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    पप्पू यादव ने दावा किया कि बिहार में बाढ़ से करीब 56 लाख लोग प्रभावित हैं। इससे पहले भी वह राज्य में बाढ़ से 56 लाख लोगों के प्रभावित होने का दावा कर चुके हैं।

    ’25 साल से सरकार में हैं, गाद के लिए कौन जिम्मेदार?’

    पप्पू यादव ने विजय चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से सरकार में रहने के बावजूद बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने नदियों में जमा गाद को लेकर सवाल उठाया और तंज किया कि आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन के नाम पर लगातार पैसा खर्च किया जाता है, लेकिन हर साल बड़ी आबादी को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। सांसद ने सरकार से यह भी पूछा कि बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए केंद्र से पर्याप्त सहायता क्यों नहीं मिल रही है।

    हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बाढ़ राहत और बचाव कार्य चलाए जाने की जानकारी सामने आती रही है। सितंबर में बिहार सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत राशि देने की घोषणा की थी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भी पहुंचाई गई।

    राहत व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

    पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ से फसलें बर्बाद हुई हैं और कई परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार के राहत और बचाव अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के समय नेताओं के लिए हेलिकॉप्टर उपलब्ध रहते हैं, लेकिन बाढ़ के दौरान राहत कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधनों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता।

    पिछले दिनों बाढ़ प्रभावित सारण में हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री गिराए जाने के दौरान एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और एक थाना प्रभारी को निलंबित किया गया।

    तटबंध टूटने और इंजीनियरों की कार्रवाई का मुद्दा

    सांसद ने तटबंधों के टूटने की घटनाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अगर एक ही स्थान पर बार-बार तटबंध टूट रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

    पप्पू यादव ने सात इंजीनियरों के निलंबन का जिक्र करते हुए कहा कि केवल इंजीनियरों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ भी FIR दर्ज करने और तटबंधों के निर्माण तथा मरम्मत में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।

    उन्होंने कुछ निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों को दिए गए कामों पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन कंपनियों से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल

    पप्पू यादव ने सरकारी निर्माण कार्यों में टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि काम देने में पारदर्शिता होनी चाहिए और यह जांच होनी चाहिए कि एक ही कंपनियों या ठेकेदारों को बार-बार काम क्यों मिलता है। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण से जुड़े पिछले वर्षों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की जांच की मांग दोहराई। उनका कहना है कि नदियों की स्थिति, तटबंधों की मजबूती और बाढ़ नियंत्रण के नाम पर हुए खर्च की व्यापक जांच जरूरी है।

    MLC चुनाव पर भी साधा निशाना

    पप्पू यादव ने अपने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वह लगातार कई दिनों से बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रहे हैं और उनकी समस्याएं देख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छपरा में उनकी ओर से राहत के तौर पर आर्थिक मदद भी दी गई है। इससे पहले भी वह बिहार के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देते नजर आए हैं।

    वहीं, MLC चुनाव को लेकर भी उन्होंने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर निशाना साधा। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव में पैसे का इस्तेमाल हो रहा है और कई उम्मीदवारों को लेकर उन्होंने गंभीर टिप्पणी की। उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    बिहार में बाढ़ के बीच पप्पू यादव के लगातार सरकार पर हमले से यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमाता जा रहा है। अब बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों की मरम्मत और राहत व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर नजर रहेगी।

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