Last updated: October 6th, 2026 at 01:20 pm

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गया। विपक्षी दलों के कई सांसद और नेता संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए थे। जब प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए।
विपक्ष का मुख्य आरोप मतदाता सूची में बदलाव और SIR की प्रक्रिया को लेकर है। INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की है।
राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं में किए गए बदलावों को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं दिखाई गई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं की चिंताओं का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने प्रदर्शन को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए विपक्ष पर माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखना चाहिए।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के केंद्रीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई। संसद भवन से चुनाव आयोग तक जाने वाले रास्तों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई। कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए और प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोका गया। इससे मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में आवाजाही भी प्रभावित हुई।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने धरना भी दिया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद भी नेताओं ने अपनी मांगें दोहराईं। इससे पहले भी पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कई प्रदर्शन हो चुके हैं। कुछ प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया था।
SIR को लेकर दिल्ली में भी मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, SIR के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं में लगभग एक-तिहाई का सत्यापन पूरा हो चुका है। बाकी मामलों में सत्यापन और आपत्तियों की प्रक्रिया आगे चल रही है।
यह विवाद केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। देश के कई हिस्सों में SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। विपक्षी दल इसे चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार से जोड़ रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग और सरकार की ओर से प्रक्रिया को नियमों के अनुसार बताया जा रहा है।
दिल्ली में मंगलवार का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब SIR को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। INDIA गठबंधन ने आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची से जुड़े मामलों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच यह विवाद और बढ़ सकता है। एक तरफ विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR की प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान बता रही है। अब इस मामले में चुनाव आयोग और अदालतों की आगे की कार्रवाई पर भी राजनीतिक दलों और जनता की नजर बनी हुई है।
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