Last updated: October 7th, 2026 at 10:18 am

भारत ने 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति यानी IOC ने भारत को उन सात देशों में शामिल किया है, जिन्होंने 2036 के खेलों की मेजबानी में रुचि जताई है। भारत की दावेदारी अहमदाबाद को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही है।
‘Rising Together’ होगा भारत की दावेदारी का विजन
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने 2036 की दावेदारी के लिए ‘Rising Together’ विजन पेश किया है। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और IOA अध्यक्ष पीटी उषा के मुताबिक, भारत ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों को केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के तौर पर नहीं, बल्कि युवाओं और खेलों के विकास के बड़े अवसर के रूप में देख रहा है।
IOA के मुताबिक, भारत की योजना के तहत खेलों के जरिए युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, स्वस्थ और सक्रिय समुदायों को मजबूत करने तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।
सात देश रेस में, IOC करेगा प्रस्तावों का मूल्यांकन
भारत के अलावा जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत कुल सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि दिखाई है। इन देशों को अपने गेम्स प्रोजेक्ट IOC के Future Host Commission के सामने पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
IOC प्रस्तावों का मूल्यांकन कई पहलुओं पर करेगा। इनमें खेल स्थलों की योजना, खिलाड़ियों का अनुभव, आयोजन की फंडिंग, राजनीतिक और जनता का समर्थन, आयोजन की क्षमता और खेलों के बाद मेजबान शहर को मिलने वाली दीर्घकालिक विरासत जैसे पहलू शामिल हैं।
अक्टूबर के आखिर में पहली बड़ी प्रस्तुति
भारत की ओर से अपनी दावेदारी की पहली औपचारिक प्रस्तुति अक्टूबर के अंत में Future Host Commission के सामने किए जाने की तैयारी है। IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है कि ‘Rising Together’ भारत की खेल महत्वाकांक्षा, ऊर्जा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने से जोड़ने का विजन है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को मिलेगी या किसी दूसरे दावेदार देश को। फिलहाल भारत चयन प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंचने की तैयारी कर रहा है।
![]()
Comments are off for this post.