Last updated: October 8th, 2026 at 11:40 am

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बीजेपी के विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘राजकुमार’ बताते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश और राहुल के बीच आपसी समन्वय और टीम भावना की कमी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब INDIA गठबंधन की बैठकों और उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस के रिश्तों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
‘एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते’
सुभाष यदुवंश ने दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें अखिलेश यादव को आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि बाद में अखिलेश के लखनऊ पहुंचने पर राहुल गांधी के किसी करीबी की ओर से उनसे संपर्क किया गया।
यदुवंश ने आरोप लगाया कि दोनों नेता सत्ता की राजनीति में एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी में नेतृत्व के लिए जरूरी अनुशासन, समन्वय और टीम भावना नहीं है।
अखिलेश पर परिवार और राहुल पर अध्यादेश को लेकर निशाना
बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी में हुए पारिवारिक विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लंबे समय तक पार्टी के भीतर परिवार के सदस्यों के बीच खींचतान देखने को मिली।
राहुल गांधी पर हमला करते हुए यदुवंश ने 2013 के उस घटनाक्रम का जिक्र किया, जब उन्होंने तत्कालीन यूपीए सरकार के एक अध्यादेश की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। राहुल गांधी ने उस समय दोषी सांसदों और विधायकों को तत्काल अयोग्यता से बचाने वाले प्रस्तावित कानून को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फाड़ दिया था।
‘इन पर भरोसा करना बच्चों का भविष्य बर्बाद करना’
सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए दोनों पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं पर भरोसा करना और उन्हें वोट देना देश के युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक होगा।
हालांकि, बीजेपी नेता के ये सभी आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। अखिलेश यादव या राहुल गांधी की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया इस खबर के उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आई है।
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