Last updated: October 8th, 2026 at 01:54 pm

लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। नदी का पानी अब शहर के प्रमुख और पॉश इलाकों तक पहुंच गया है। शहीद पथ की सर्विस लेन, फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास का क्षेत्र, इकाना स्टेडियम और गोमती नगर विस्तार में जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और यातायात को रोककर वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया है।
बुधवार शाम छह बजे गोमती नदी का जलस्तर 107.24 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से 1.26 मीटर नीचे था, जबकि खतरे का निशान 108.50 मीटर बताया गया है। इसके बावजूद नदी का बढ़ता पानी निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। शहीद पथ की सर्विस लेन पर पानी भरने के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर इस हिस्से को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया।
सबसे ज्यादा चर्चा फीनिक्स पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के आसपास जलभराव को लेकर है। बुधवार को इन इलाकों में करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा होने की खबर सामने आई। मॉल की सर्विस लेन पूरी तरह जलमग्न होने के बाद वहां आवाजाही रोक दी गई। आसपास के रास्तों पर भी पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गोमती नगर विस्तार के कई हिस्से भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है। कुछ निचले इलाकों में घरों और दुकानों के आसपास पानी जमा होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के दूसरे हिस्सों में पहले से मौजूद जलभराव की समस्या के साथ गोमती के बढ़े जलस्तर ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
इस बाढ़ की एक खास बात यह है कि लखनऊ में हाल के दिनों में बड़ी बारिश नहीं होने के बावजूद गोमती का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके पीछे नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में गोमती के ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का पानी अलग-अलग नालों और सहायक धाराओं के जरिए नदी में पहुंचा, जिसके बाद उसका असर नीचे की ओर लखनऊ में दिखाई दिया।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने और लोगों की मदद करने में जुटी हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की मदद ली जा रही है। प्रशासन की ओर से अस्थायी रैन बसेरे भी बनाए गए हैं और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
शहर में जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने सफाई और सैनिटेशन अभियान भी शुरू किया है। प्रभावित इलाकों में एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका के कारण सफाई कर्मचारियों की टीमों को लगाया गया है।
गोमती का बढ़ता जलस्तर शहर के लिए इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि नदी के किनारे बसे कई इलाकों में पहले से ही जलभराव और बाढ़ का खतरा रहता है। इस बार पानी शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आधुनिक इलाकों तक पहुंचने से प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ गई है। शहीद पथ जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पानी आने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
हालांकि 8 अक्टूबर को कुछ इलाकों में पानी के स्तर में कमी आने के संकेत भी मिले हैं। इसके बावजूद प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है, क्योंकि ऊपर से आने वाले पानी और नदी के बहाव में बदलाव से स्थिति फिर बिगड़ सकती है।
लखनऊ में फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों से पानी निकालना, लोगों को सुरक्षित रखना और यातायात को सामान्य करना है। गोमती नदी के जलस्तर में पूरी तरह कमी आने तक शहीद पथ, इकाना और आसपास के निचले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी यातायात निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
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