Last updated: October 11th, 2026 at 02:53 pm

बिहार में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को राज्य के 1 करोड़ 8 लाख 36 हजार पेंशनधारियों के बैंक खातों में सितंबर महीने की पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से भेजी। इस दौरान कुल 1,237 करोड़ 48 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए। सरकार के अनुसार, प्रत्येक पात्र लाभार्थी के खाते में 1,100 रुपये की राशि भेजी गई है। इस भुगतान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पेंशन राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि और पेंशनधारी भी कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवा महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेंशन वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी बनी रहे तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि को पहले के 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये किया था। इस बढ़ोतरी से लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार का कहना है कि पेंशन की राशि प्रत्येक महीने की 10 तारीख को लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था बनाई गई है, ताकि लोगों को भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाएं उठाती हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिनके पास आय का नियमित साधन नहीं है या जो परिवार के दूसरे सदस्यों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए हर महीने मिलने वाली पेंशन भोजन, दवाइयों, दैनिक जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों में मददगार साबित हो सकती है। हालांकि, सहायता की वास्तविक उपयोगिता लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति और उनकी जरूरतों पर निर्भर करती है।
इस बार के भुगतान में कुल 1 करोड़ 8 लाख 36 हजार लोगों को शामिल किया गया। राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सितंबर महीने में लगभग 93,835 नए लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े। इससे पता चलता है कि योजनाओं के दायरे में नए पात्र लोगों को शामिल करने की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि गांवों और पंचायतों में ऐसे लोगों की पहचान की जाए जो पात्र होने के बावजूद अभी तक पेंशन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में पेंशन योजनाओं की समीक्षा करें। जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया कि वे क्षेत्र के दौरे के दौरान गांवों में जाकर पता करें कि पात्र बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को नियमित पेंशन मिल रही है या नहीं। पंचायत विकास दिवस और स्वास्थ्य सर्वेक्षण के दौरान भी पात्र लाभार्थियों की पहचान करने पर जोर दिया गया।
पेंशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बैंक खातों की सही जानकारी, लाभार्थियों के रिकॉर्ड का अद्यतन होना और भुगतान में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा का समय पर समाधान जरूरी है। यदि किसी पात्र व्यक्ति को पेंशन नहीं मिल रही है, तो संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को उसकी शिकायत की जांच कर समस्या दूर करनी चाहिए। इसी तरह, अपात्र लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड में सुधार भी जरूरी है, ताकि सरकारी सहायता सही लोगों तक पहुंच सके।
डीबीटी व्यवस्था के तहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और बीच में होने वाली अनियमितताओं को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, लाभार्थियों के लिए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि उनके बैंक खाते सक्रिय हों और योजना से संबंधित विवरण सही दर्ज हों। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उन्हें संबंधित कार्यालय या आधिकारिक माध्यम से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का यह भुगतान राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से कमजोर वर्गों को कुछ हद तक वित्तीय सुरक्षा मिलती है। अब सरकार के सामने चुनौती यह है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
सितंबर महीने की पेंशन राशि राज्य के 1.08 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार ने अगली किस्त भी निर्धारित समय पर भेजने और पात्र लोगों की पहचान जारी रखने पर जोर दिया है। आने वाले महीनों में योजना के प्रभावी संचालन और भुगतान की नियमितता पर लाभार्थियों की नजर रहेगी।
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