Last updated: October 12th, 2026 at 02:34 pm

बिहार के मधेपुरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इटहरी गांव में 12 वर्षीय बच्चे की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कथित हमलावर को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। गंभीर चोटों के कारण उसकी भी मौत हो गई। कुछ ही समय के भीतर दो लोगों की मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृत बच्चे की पहचान इटहरी गांव के वार्ड नंबर दो निवासी सुनील ठाकुर के बेटे सुमित कुमार के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान पड़ोसी बराही गांव के वार्ड नंबर आठ निवासी 45 वर्षीय अनिल यादव के रूप में बताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अनिल पर बच्चे की हत्या करने का आरोप लगा था। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी परिस्थितियों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
परिजनों के मुताबिक, सुमित शनिवार को घर से बाहर निकला था। वह गांव के अन्य बच्चों के साथ पुल के पास खेल रहा था। इसी दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में सुमित गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित हमलावर ने बच्चे पर हमला करने के बाद वहां से निकलने की कोशिश की। इस बीच ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। बच्चे की मौत से गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी गंभीर थी कि अनिल यादव की भी मौत हो गई। इस तरह एक ही घटना से जुड़ी परिस्थितियों में दो जानें चली गईं। जहां एक ओर बच्चे के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं भीड़ द्वारा संदिग्ध की हत्या ने मामले को और गंभीर बना दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण था। साथ ही, संदिग्ध की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान भी की जा रही है।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने घैलाढ़-सिंहेश्वर मुख्य सड़क पर कुछ समय के लिए जाम लगा दिया। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद सड़क से जाम हटाया गया। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। बच्चे की हत्या के आरोपों की जांच के साथ-साथ भीड़ द्वारा कथित आरोपी की पिटाई से हुई मौत की भी जांच की जा रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वारदात ने गांव में भय और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चे पर हमला क्यों किया गया और घटना के बाद हालात इस हद तक कैसे बिगड़ गए कि दूसरी जान भी चली गई। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस दोनों मौतों से जुड़े तथ्यों, घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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