Last updated: October 13th, 2026 at 09:56 am
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। सेवा नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर हजारों कर्मचारी लखनऊ के इको गार्डेन में धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के पांचवें दिन नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कर्मचारियों का समर्थन करते हुए योगी सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारी करीब 20 वर्षों से नौकरी की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है।
नियमितीकरण से लेकर समान वेतन तक की मांग
सांसद चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा नियमितीकरण, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारी पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को उनके प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत करनी चाहिए। साथ ही, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
योगी सरकार से चंद्रशेखर आजाद की अपील
चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार से NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
उनका कहना है कि कर्मचारियों को लंबे समय तक अनिश्चित नौकरी की स्थिति में रखना चिंता का विषय है। सरकार को उनकी समस्याओं पर वार्ता कर ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आजाद समाज पार्टी ने दिया समर्थन
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी NHM संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रतिबद्धता जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर राज्य सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी। कर्मचारियों का आंदोलन और राजनीतिक समर्थन इस मुद्दे को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था तथा संविदा कर्मियों की सेवा शर्तों से जुड़ी बड़ी बहस के केंद्र में ला रहा है।
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