Last updated: October 13th, 2026 at 10:14 am

बिहार की राजधानी पटना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वामपंथी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। आइसा (AISA) और अन्य वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र गांधी मैदान के पास जुटे और लोक भवन की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानू को भेजो जेल’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला की ओर बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव
प्रदर्शन के दौरान पुलिस छात्रों को हिरासत में लेकर जाने के लिए एक वाहन का इस्तेमाल करना चाहती थी। इसी बीच प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पुलिस वाहन की चाबी लेकर वहां से निकलने का आरोप लगा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने साथ विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने गांधी मैदान के गेट नंबर 10, जेपी गोलंबर और होटल मौर्या के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
पुलिस की कोशिश प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की थी। वहीं, छात्र संगठन SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
गर्दनीबाग में ही प्रदर्शन की अनुमति
पटना जिला प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग में निर्धारित स्थल तय किया है। प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, शहर में अन्य स्थानों पर सड़क पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।
इस संबंध में मंगलवार सुबह पटना पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया कि किसी भी संगठन या राजनीतिक दल को धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग के निर्धारित स्थल का इस्तेमाल करना चाहिए और शहर की सड़कों पर प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए।
SIR को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
पटना में छात्रों का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, प्रशासन ने निर्धारित स्थल पर ही प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़े जाने और पुलिस वाहन की चाबी ले जाने के आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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