Last updated: October 17th, 2026 at 07:00 am

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब अहम चरण में पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ पर राहत देने के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, अभी ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी समझौते को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद जताई है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा चुका है और फिलहाल उसकी कानूनी ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है।
ट्रंप के फैसले से भारत को क्या राहत मिल सकती है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अक्टूबर को रूस से जुड़े प्रतिबंधों और संभावित टैरिफ उपायों के क्रियान्वयन पर राहत देने का फैसला किया। रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित अमेरिकी शुल्क को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
इस फैसले से भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का खतरा फिलहाल कम होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अंतिम सहमति बन गई है। समझौते की शर्तें और टैरिफ नीति से जुड़े मुद्दे अभी भी अहम हैं।
निर्मला सीतारमण ने समझौते को लेकर क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि समझौते को जल्दी अंतिम रूप देना वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के हित में होगा।
सीतारमण के मुताबिक, भारतीय वाणिज्य मंत्री भी समझौते पर जल्द हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद जता चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सकेगा।
पीयूष गोयल ने दिया ट्रेड डील पर अपडेट
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर को बताया था कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण तय हो चुका है। फिलहाल समझौते के कानूनी मसौदे पर काम चल रहा है।
गोयल ने कहा कि भारत समझौते को जल्द अंतिम रूप देना चाहता है, लेकिन इसे लागू करने से पहले भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले उचित लाभ मिलना जरूरी है। इससे साफ है कि सरकार समझौते की समयसीमा के साथ-साथ भारतीय कारोबारियों के हितों को भी ध्यान में रख रही है।
कब तक हो सकती है भारत-अमेरिका ट्रेड डील?
फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। पहले चरण की कानूनी ड्राफ्टिंग पूरी होने और बाकी शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही हस्ताक्षर और लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
ट्रंप के हालिया फैसले और भारतीय मंत्रियों के बयानों से समझौते की संभावनाओं को लेकर उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ट्रेड डील लगभग तय हो गई है। अब नजरें दोनों देशों की ओर से होने वाली अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
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