Last updated: October 17th, 2026 at 06:57 am

पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को ओरकजई जिले में हुई इस कार्रवाई में 10 लड़ाकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, यह अभियान इलाके में आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया गया।
रास्ता रोकने की सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान
ओरकजई पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार, संगहारा मुख्य मार्ग पर आतंकवादियों द्वारा रास्ता रोके जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और ओरकजई स्काउट्स ने संयुक्त अभियान शुरू किया। ओरकजई स्काउट्स, फ्रंटियर कॉर्प्स खैबर पख्तूनख्वा की अर्धसैनिक इकाई है।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई ओरकजई जिले के मिश्ती मेला पुलिस थाना क्षेत्र में खैबर-अकाखेल सीमा के पास बंजाली इलाके में की गई। अभियान के दौरान 10 आतंकवादियों के मारे जाने की बात कही गई है। प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षाकर्मी मारे गए लड़ाकों में से दो के शव अपने साथ ले आए।
खैबर पख्तूनख्वा में लगातार जारी हैं सुरक्षा अभियान
पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कई वर्षों से आतंकवादी हिंसा और सुरक्षा अभियानों के कारण चर्चा में रहा है। अफगानिस्तान से लगी सीमा के आसपास लड़ाकों की आवाजाही और आतंकवादी हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं।
नवंबर 2022 में पाकिस्तानी सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता समाप्त होने के बाद से TTP ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में कई हमले किए हैं। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र में अभियान चला रही हैं।
पेशावर के पास पुलिस चौकी पर भी हमला
इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा में एक अन्य घटना में आतंकवादियों ने हसन खेल इलाके में पुलिस चौकी को निशाना बनाया। इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई।
कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी मियां सईद के मुताबिक, हमला गुरुवार रात पेशावर से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुआ। पुलिसकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग गए।
अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में कई हमलावरों के घायल होने की सूचना है। उनकी तलाश के लिए अभियान जारी है। पेशावर के बाहरी इलाके में स्थित हसन खेल में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं और पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमलों का खतरा बना रहता है।
ओरकजई में संयुक्त अभियान और हसन खेल में पुलिस चौकी पर हमले की घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े आंकड़े और दावे स्थानीय पुलिस तथा अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित हैं।
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