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पटना में Domino’s और McDonald’s पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 160 खराब पिज्जा स्क्रीन नष्ट

  बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़े फास्ट फूड प्रतिष्ठानों
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    बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़े फास्ट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। 17 अक्टूबर 2026 को हुई इस कार्रवाई में Domino’s के दो आउटलेट और McDonald’s के एक रेस्टोरेंट की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और कीट नियंत्रण से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने Domino’s की 160 खराब पिज्जा स्क्रीन मौके पर ही नष्ट करा दीं और संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए।

     

    यह कार्रवाई खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर की गई। विभाग की टीम ने प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था, तापमान की निगरानी और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जांच की। अधिकारियों का उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करना था।

     

    निरीक्षण के दौरान कंकड़बाग के लोहिया नगर स्थित Domino’s आउटलेट में लगभग 110 खराब पिज्जा स्क्रीन मिलीं। वहीं, कदमकुआं स्थित एम्बिशन ओझा प्लाजा के आउटलेट में 50 स्क्रीन खराब पाई गईं। इस तरह कुल 160 स्क्रीन नष्ट कराई गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है।

     

    पिज्जा स्क्रीन धातु से बनी जालीदार प्लेट होती है, जिसका उपयोग पिज्जा तैयार करने और बेक करने में किया जाता है। अधिकारियों ने इन स्क्रीन को इस्तेमाल के लिए अनुपयुक्त मानते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नष्ट कराया।

     

    जांच के दौरान दोनों आउटलेट में ड्रेनेज सिस्टम, कटिंग बोर्ड और शेल्फ की साफ-सफाई में भी कमियां मिलीं। कुछ जगहों पर पानी जमा होने की समस्या सामने आई। इसके अलावा, डीप फ्रीजर के तापमान की निगरानी से संबंधित लॉग बुक और स्टोर में कच्चे माल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। कीट नियंत्रण से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां पाई गईं।

     

    अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने, खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने और सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों के साथ-साथ शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री को अलग-अलग रखने के निर्देश भी दिए गए।

     

    खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ईस्ट गांधी मैदान स्थित McDonald’s फैमिली रेस्टोरेंट के भंडार गृह का भी निरीक्षण किया। यहां भंडार गृह की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र उपलब्ध थे। हालांकि, जांच के दौरान कचरे का डिब्बा खुला मिला।

     

    रेस्टोरेंट के मुख्य प्रवेश द्वार पर कीटों को रोकने के लिए आवश्यक एंटी-इन्सेक्ट डोरमैट भी नहीं पाया गया। इसके अलावा, सार्वजनिक मेनू कार्ड पर खाद्य पदार्थों से संबंधित एलर्जी की चेतावनी उपलब्ध नहीं थी। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत ग्राहकों को संभावित एलर्जी से जुड़ी जानकारी देना महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य के अनुसार भोजन का चयन कर सकें।

     

    विभाग ने रेस्टोरेंट प्रबंधन को कचरे के डिब्बे को ढककर रखने, कीट नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करने और मेनू कार्ड पर आवश्यक एलर्जी संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। जांच के दौरान मस्टर्ड सॉस का नमूना भी प्रयोगशाला में जांच के लिए लिया गया।

     

     

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमों के अनुसार कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों ब्रांडों के संबंधित आउटलेट को 14 दिनों के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। McDonald’s को स्वच्छता से जुड़ी कुछ कमियां सात दिनों के भीतर दूर करने के लिए भी कहा गया है।

     

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर या लगातार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निलंबित करने अथवा रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

     

     

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