Last updated: October 23rd, 2026 at 03:04 pm

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के बीच नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड (JDU) कार्यालय पहुंचने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। पार्टी कार्यालय में उनकी मौजूदगी कुछ ही देर की रही, लेकिन इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष समेत पार्टी के कुछ प्रमुख नेता भी मौजूद थे। करीब 10 मिनट रुकने के बाद नीतीश कुमार अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
नीतीश कुमार की इस संक्षिप्त मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, पार्टी कार्यालय में किन मुद्दों पर बातचीत हुई और क्या इसका विधान परिषद चुनाव से कोई संबंध था, इस बारे में जदयू की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मतदान के दिन JDU दफ्तर पहुंचने से बढ़ी उत्सुकता
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसी दौरान नीतीश कुमार का अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने वहां प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं से मुलाकात की, लेकिन बैठक के एजेंडे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यह मुलाकात संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी थी या चुनाव के संबंध में कोई चर्चा हुई, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मुलाकात के उद्देश्य को लेकर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
आठ सीटों पर चुनाव, पटना स्नातक सीट पर खास नजर
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। मतदान के जरिए मतदाता उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी चुनाव के लिहाज से चर्चा में है। यहां जदयू के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार मैदान में हैं। उनके मुकाबले में जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह और आरजेडी के दिलीप कुमार सहित अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान इस सीट पर राजनीतिक बयानबाजी और प्रत्याशियों के बीच मुकाबले को लेकर चर्चा होती रही है। अब मतदान के बीच राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।
मतदान के बाद नतीजों का इंतजार
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के एमएलसी चुनाव में निर्धारित मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से इन चुनावों की प्रक्रिया विधानसभा चुनाव से अलग होती है। राजनीतिक दलों के लिए अपने समर्थकों और संगठन की सक्रियता भी महत्वपूर्ण रहती है।
फिलहाल नीतीश कुमार की जदयू कार्यालय में हुई करीब 10 मिनट की मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर मतदान प्रक्रिया पूरी होने और चुनाव परिणाम पर रहेगी। नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि आठों सीटों पर किस उम्मीदवार को मतदाताओं का समर्थन मिला।
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