Last updated: October 24th, 2026 at 04:22 pm

झारखंड की राजधानी रांची में बांग्लादेशी युवतियों की कथित मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले के मुख्य आरोपी माइकल जोसेफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की की 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है। ईडी के अनुसार, जब्त संपत्ति का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये है। एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति कथित अवैध देह व्यापार से अर्जित अपराध की कमाई से बनाई गई थी।
जून 2024 में सामने आया था मामला
यह मामला जून 2024 में रांची के बरियातू थाना क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट में सामने आए कथित सेक्स रैकेट से जुड़ा है। स्थानीय पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एजेंसी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कथित गिरोह के सदस्यों और एजेंटों की भूमिका की पड़ताल की। ईडी के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार सीमा पार मानव तस्करी से जुड़े होने के आरोप हैं।
बंधक युवती के भागने के बाद हुआ खुलासा
मामले का खुलासा 3 जून 2024 को हुआ, जब बांग्लादेशी युवती निपाह अख्तर उर्फ खुशी कथित तौर पर रिसॉर्ट से भागकर पुलिस के पास पहुंची। उसने अपनी आपबीती बताई और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में आरोप सामने आए कि गिरोह के सदस्य गरीब बांग्लादेशी युवतियों को भारत में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें अवैध तरीके से सीमा पार कराकर भारत लाया जाता था। एजेंसी के अनुसार, कुछ युवतियों के फर्जी भारतीय पहचान पत्र, जिनमें आधार और पैन कार्ड शामिल हैं, बनवाने के आरोप भी सामने आए।
पश्चिम बंगाल के रास्ते रांची लाने का आरोप
जांच के अनुसार, निपाह अख्तर 31 मई 2024 की रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पश्चिम बंगाल पहुंची थी। इस दौरान मनीषा और झूमा नाम की महिलाओं पर उसकी मदद करने का आरोप है। इसके बाद नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे रांची लाया गया, जहां कथित तौर पर उसे एक रिसॉर्ट और फ्लैट में रखा गया था।
जांच में परवीन और झूमा नाम की अन्य बांग्लादेशी युवतियों की मौजूदगी की बात भी सामने आई। एजेंसी इस मामले में कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।
माइकल और मोना तिर्की पर क्या हैं आरोप?
ईडी की जांच में माइकल जोसेफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की पर युवतियों को ठहराने और उनसे कथित तौर पर जबरन देह व्यापार कराने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। एजेंसी का दावा है कि इस अवैध गतिविधि से अर्जित रकम का इस्तेमाल संपत्ति बनाने में किया गया।
इसी आरोप के तहत दंपति की 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की गई है। ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है।
मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी
ईडी की यह कार्रवाई कथित मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा है। एजेंसी संपत्ति के स्रोत और कथित अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
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