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बिहार के सिवान में पटाखा विस्फोट से दहला आलमपुर गांव, पांच लोगों की मौत और तीन घायल

  बिहार के सिवान जिले में शुक्रवार शाम पटाखों के कारण हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया।
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    बिहार के सिवान जिले में शुक्रवार शाम पटाखों के कारण हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में एक मकान के अंदर रखे पटाखों में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का अगला हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क पर फैल गया। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

     

    यह घटना 23 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए थे। आग लगने के बाद लगातार धमाके होने लगे, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। विस्फोट के बाद मकान का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे बचाव कार्य में भी परेशानी हुई।

     

    प्रशासन के अनुसार, मकान में पटाखों का कारोबार करने वाले मोहम्मद अमीरुद्दीन अहमद रहते थे। वह लंबे समय से पटाखों की बिक्री और निर्माण के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। घटना के समय मकान में परिवार के सदस्य और अन्य लोग मौजूद थे। विस्फोट के बाद राहत दल ने मलबे से शवों को बाहर निकाला। मृतकों में मकान मालिक और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल थे। अधिकारियों ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

     

    इस हादसे में तीन लोगों के घायल होने की सूचना मिली। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के उपचार की व्यवस्था पर ध्यान दिया।

     

    विस्फोट के बाद आग और पटाखों के बीच रुक-रुककर धमाके होते रहे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, धमाकों का सिलसिला करीब दो घंटे तक जारी रहा। इसके कारण दमकलकर्मियों और बचाव दल को सावधानी के साथ काम करना पड़ा। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के इलाके को घेर लिया, ताकि लोग मलबे और विस्फोटक सामग्री के नजदीक न जाएं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच के लिए नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए।

     

    घटना के बाद सिवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान में पटाखों का निर्माण किया जा रहा था या उनका भंडारण किया गया था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित कारोबार के लिए वैध लाइसेंस मौजूद था या नहीं और सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

     

    मामले में कथित लापरवाही को लेकर जामो बाजार थाने के प्रभारी धीरज कुमार और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि स्थानीय स्तर पर पटाखों के निर्माण और भंडारण की जानकारी प्रशासन को थी या नहीं और समय रहते कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं।

     

    सिवान में पटाखा विस्फोट की यह घटना बिहार में सुरक्षित पटाखा निर्माण और भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी सिवान और सारण जिलों में पटाखों से जुड़े विस्फोटों में लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों और ज्वलनशील सामग्री को रिहायशी मकानों में रखना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। निर्माण और भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना तथा नियमित निरीक्षण करना आवश्यक है।

     

    पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। इस हादसे ने आलमपुर गांव के कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

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