Human Live Media

HomeNewsसिवान में पटाखा विस्फोट के बाद प्रशासन सख्त, 30 दुकानों पर छापेमारी; कई दुकानें और गोदाम सील

सिवान में पटाखा विस्फोट के बाद प्रशासन सख्त, 30 दुकानों पर छापेमारी; कई दुकानें और गोदाम सील

  बिहार के सिवान जिले के आलमपुर गांव में पटाखा विस्फोट से पांच लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन
images (5)

 

Table of Contents

    बिहार के सिवान जिले के आलमपुर गांव में पटाखा विस्फोट से पांच लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को हुए भीषण हादसे के बाद शनिवार को जिले के विभिन्न इलाकों में पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच की गई। प्रशासनिक टीम ने करीब 30 दुकानों का निरीक्षण किया और नियमों के उल्लंघन की आशंका के आधार पर कई दुकानों तथा गोदामों को सील कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध पटाखा निर्माण, असुरक्षित भंडारण और बिना अनुमति बिक्री पर रोक लगाना है।

     

    जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर चलाया गया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रांजल के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान पटाखों के भंडारण, बिक्री और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

    छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों से लाइसेंस, पटाखों के स्टॉक और भंडारण की व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज मांगे। यह भी देखा गया कि दुकानों और गोदामों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं और ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखा गया है या नहीं। जिन स्थानों पर अनियमितताएं मिलने या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका हुई, वहां दुकानों और गोदामों को सील करने की कार्रवाई की गई।

     

    प्रशासनिक कार्रवाई की खबर फैलते ही कई इलाकों में पटाखा दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ दुकानदारों ने छापेमारी की सूचना मिलने के बाद अपनी दुकानें बंद कर दीं। इसके बावजूद अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था की जांच की। प्रशासन ने कहा कि जांच का दायरा केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पटाखों के निर्माण और भंडारण के संदिग्ध ठिकानों की भी पहचान की जाएगी।

     

    इस अभियान की पृष्ठभूमि में आलमपुर गांव में हुआ दर्दनाक विस्फोट है। जामो बाजार थाना क्षेत्र के इस गांव में 23 अक्टूबर की शाम एक मकान में रखे पटाखों में आग लगने के बाद जोरदार धमाके हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क तक फैल गया। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

     

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान में पटाखों का कारोबार करने वाले मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां रहते थे। अधिकारियों को आशंका है कि वहां पटाखों का निर्माण या भंडारण किया जा रहा था। हालांकि, कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा नियमों के पालन से संबंधित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए हैं।

     

    हादसे के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। सिवान के पुलिस अधीक्षक ने कथित लापरवाही के मामले में जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित मकान में पटाखों का कारोबार किस प्रकार चल रहा था और क्या पहले भी इस संबंध में शिकायतें मिली थीं।

     

    जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पटाखा निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान लाइसेंस की वैधता, स्टॉक की मात्रा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमों के विपरीत पटाखे रखने या बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जब्त की जाने वाली विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की व्यवस्था भी आवश्यक होगी।

     

    दीपावली और छठ जैसे त्योहारों से पहले यह कार्रवाई विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इस दौरान पटाखों की मांग बढ़ जाती है। घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी मात्रा में पटाखे रखना आग और विस्फोट का गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों का निर्माण और भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत ही होना चाहिए। नियमित निरीक्षण और समय पर कार्रवाई से ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।

     

    सिवान में प्रशासन का छापेमारी अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार और असुरक्षित भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आलमपुर हादसे की जांच पूरी होने के बाद लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    Loading

    Comments are off for this post.