Last updated: October 25th, 2026 at 12:03 pm

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कचहरी परिसर के आसपास बने कथित अवैध चैंबरों को हटाने के लिए नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान वकीलों ने विरोध जताया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे रोकने की मांग की। नाराज वकीलों ने कहा कि इस कार्रवाई का जवाब वे 2027 में देंगे।
नगर निगम की टीम ने मौके पर 10 बुलडोजर लगाए हैं, जबकि मलबा हटाने के लिए 10 हाइवा तैनात किए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद है।
211 चैंबरों को हटाने की तैयारी
नगर निगम ने पिछले साल सर्वे के दौरान नाले और नालियों के ऊपर बने 211 चैंबरों को चिह्नित किया था। निगम का कहना है कि ये निर्माण नियमों के विपरीत किए गए हैं और इन्हें हटाने के लिए संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
नगर निगम के मुताबिक, नोटिस के खिलाफ मिली 14 आपत्तियों का भी निस्तारण किया जा चुका है। वहीं, वकीलों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है।
इससे पहले वकील इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उनकी अपील खारिज हो गई थी। इसके बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पहले भी तोड़े जा चुके हैं 72 चैंबर
कचहरी परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई इससे पहले भी की जा चुकी है। मई से अगस्त के बीच दो चरणों में 72 चैंबर तोड़े गए थे। इसके बाद बाकी निर्माणों को हटाने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे।
मौजूदा कार्रवाई पहले 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन आपत्तियों के निस्तारण और अदालत में अपील लंबित होने के कारण इसे टाल दिया गया था। अब नगर निगम की टीम ने फिर से अभियान शुरू किया है।
सर्वे में मिले थे 241 चैंबर
करीब एक साल पहले हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका के सिलसिले में नगर निगम ने कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर, जिला एवं सत्र न्यायालय, निबंधन कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास की सड़कों पर बने चैंबरों का सर्वे किया था।
उस सर्वे में कुल 241 चैंबर चिह्नित किए गए थे। बाद में 72 चैंबरों को ध्वस्त किया गया। शेष निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठने के बाद नगर निगम की ओर से अभियान आगे बढ़ाया गया।
हाईकोर्ट के आदेश के तहत हटाया जा रहा अतिक्रमण
नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के तहत कचहरी परिसर के बाहर नाले, नालियों, फुटपाथ और सड़क पर बने अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को इस संबंध में नोटिस भी दिए जा चुके हैं।
दूसरी ओर, कार्रवाई से नाराज वकीलों ने विरोध जताया है। उनके 2027 में जवाब देने संबंधी बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने किस रूप में जवाब देने की बात कही है, यह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल, लखनऊ में चैंबरों को हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम और वकीलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। आगे की कार्रवाई और विरोध के घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
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