Last updated: October 26th, 2026 at 11:08 am

मोकामा विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सोमवार को JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने के संबंध में अनुशंसा पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने 10 पन्नों के दस्तावेज और वीडियो भी प्रस्तुत किए।
विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपने के बाद उमेश कुशवाहा और बिहार विधान परिषद सदस्य संजय गांधी ने विधानसभा सचिव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर पहले दिए गए पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उमेश कुशवाहा ने बताया कि मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और नोटिस तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने JDU के संविधान का उल्लंघन किया है, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। हालांकि, सदस्यता रद्द करने पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
नीलम देवी को पद से हटाए जाने के सवाल पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी लगातार JDU उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे थे और उसे हराने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, इसी वजह से पार्टी ने कार्रवाई की।
JDU प्रदेश अध्यक्ष ने लगातार अपशब्दों के इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा उनकी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उमेश कुशवाहा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम करते हैं और उनसे मिले संस्कारों के अनुसार आगे भी काम करते रहेंगे।
फिलहाल, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर JDU की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों और वीडियो के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
![]()
Comments are off for this post.