Last updated: November 1st, 2026 at 01:52 pm
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली और मॉक पार्लियामेंट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। पंजाब के चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें इसी तरह मॉक पार्लियामेंट करते रहना चाहिए, क्योंकि उनका नंबर आने वाला नहीं है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में पंजाब की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य में NDA की सरकार बनाने का दावा दोहराते हुए कहा कि पंजाब में भी गठबंधन को सत्ता में लाना है।
1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर हमला
अमित शाह ने अपने भाषण में 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 को हुए दंगों में हजारों सिखों की जान गई थी। शाह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खुलवाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश ने ऐसे दंगों का दौर पहले देखा है।
दिल्ली की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
शाह ने दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली को 1984 के दंगों से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि इस आयोजन से पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर भी तंज कसते हुए कहा कि इससे नफरत ही निकलती है।
अमित शाह ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में रैली के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस को दिल्ली में पिछले चुनावों में मिली हार की याद दिलाते हुए कहा कि आने वाले समय में भी पार्टी को यहां सफलता नहीं मिलेगी।
2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का दावा
पंजाब में नशे की समस्या पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब और पूरे देश को ड्रग्स मुक्त बनाना है। उन्होंने राज्य में NDA की सरकार बनने की जरूरत पर भी जोर दिया।
महिला आरक्षण और संसद को लेकर भी घेरा
अमित शाह ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद नहीं चलने देते, क्योंकि वे महिलाओं को आरक्षण नहीं दिलाना चाहते। शाह ने दावा किया कि सरकार महिलाओं को आरक्षण दिलाकर रहेगी।
उन्होंने कहा कि देश की जनता 2029 के लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के कामकाज का हिसाब करेगी। शाह के मुताबिक, मतदाता यह तय करेंगे कि देश की सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए किसने क्या काम किया है।
![]()
Comments are off for this post.