Last updated: November 1st, 2026 at 02:55 pm

झारखंड में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा 2 नवंबर से शुरू होने जा रही है। पार्टी ने पहले चरण में छह जिलों को शामिल किया है। दीपावली से पहले रांची समेत छह जिलों में अभियान चलाया जाएगा, जबकि छठ महापर्व के बाद राज्य के बाकी जिलों में भी पदयात्रा आयोजित होगी। इस अभियान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है।
बीजेपी ने पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए जिलावार प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी का दावा है कि प्रत्येक जिले में हजारों कार्यकर्ता और आम लोग इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
छह जिलों में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि 2 नवंबर को रांची में होने वाली पदयात्रा की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। इसके अगले दिन यानी 3 नवंबर को गिरिडीह में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग में पूर्व विधायक बिरंची नारायण अभियान का नेतृत्व करेंगे।
4 नवंबर को पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा को प्रभारी बनाया गया है। वहीं, 5 नवंबर को जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा पदयात्रा की कमान संभालेंगे।
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरेगी BJP
मनोज सिंह के मुताबिक, इस अभियान का मकसद चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अराजकता के बजाय स्थिरता, सुशासन और विकास चाहती है।
बीजेपी इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी लोगों को जागरूक करेगी। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
कांग्रेस ने पदयात्रा को बताया राजनीतिक नौटंकी
बीजेपी के अभियान पर झारखंड कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने पदयात्रा को राजनीतिक नौटंकी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को कमजोर करने के आरोप लगते रहे हैं, उसके द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ’ का नारा देना हास्यास्पद है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बीजेपी पर विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने और केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को लोकतंत्र बचाओ के बजाय लोकतंत्र मिटाओ अभियान चलाना चाहिए।
पदयात्रा से बढ़ेगी झारखंड की सियासी हलचल
एक तरफ बीजेपी इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग, SIR और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपनी बात जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में छह जिलों से शुरू होने वाली यह पदयात्रा झारखंड में बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकती है।
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