Last updated: November 1st, 2026 at 03:06 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के चौरी-चौरा से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में नकारात्मक माहौल बनाने और सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को देश के विकास और गरीबों के कल्याण से परेशानी है। वे सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने के बजाय लोगों के बीच अस्थिरता का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण किया और क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास कार्यों के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम में चौरी-चौरा के योगदान और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी बात की।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में सड़कों पर अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विपक्षी दलों के आंदोलनों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया और आरोप लगाया कि इनका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को लेकर नकारात्मक माहौल बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल रहे लोगों को अब मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए वे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में रैली आयोजित की। इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। वहीं, भाजपा और उसके नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
चौरी-चौरा में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने 4 फरवरी 1922 को हुए चौरी-चौरा कांड को याद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए बड़ा बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अंग्रेजी शासन ने 172 लोगों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। योगी ने दावा किया कि उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू इन लोगों की पैरवी के लिए आगे नहीं आए, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने कानूनी लड़ाई लड़कर 151 लोगों को फांसी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौरी-चौरा के बलिदानियों का योगदान देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी स्मृति को सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज जिन ऐतिहासिक नेताओं और घटनाओं का उल्लेख करती है, उनके योगदान और स्वतंत्रता संग्राम के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को सही तरीके से सामने नहीं रखती। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में अपराध, माफिया गतिविधियों और कानून-व्यवस्था की समस्याएं बढ़ी थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई की और प्रदेश में महिलाओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार देने और प्रदेश में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक भाषण में किए गए दावे हैं, जिन पर विपक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आती रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चौरी-चौरा क्षेत्र में लगभग 287 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, पुल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। भोपा बाजार में बने रेल ओवरब्रिज को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया गया। लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी होती थी। ओवरब्रिज शुरू होने से आवागमन आसान होने और आसपास के बाजारों तथा गांवों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम हैं। उन्होंने चौरी-चौरा के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास और बलिदानियों के सम्मान को एक साथ जोड़ने की बात कही।
चौरी-चौरा में योगी आदित्यनाथ का यह भाषण प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता विपक्षी आंदोलनों को अराजकता फैलाने की कोशिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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