Last updated: November 2nd, 2026 at 01:50 pm

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने और अब भी उन्हें विदेशी समर्थन हासिल है। उन्होंने दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था पर भी विदेशी ताकतों का प्रभाव है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से देश के सामने इन मुद्दों पर जवाब देने को कहा। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री को देश से झूठ बोलना बंद करना चाहिए। राहुल ने विदेशी सोशल मीडिया के समर्थन का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह पूरी तरह प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है।
‘किसी भी मंच पर बहस के लिए तैयार हूं’
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी को सीधे बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर और किसी भी समय चर्चा की जा सकती है। राहुल ने प्रधानमंत्री से चुनौती स्वीकार करने को कहा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री बहस में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें राहुल गांधी की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का डर है। हालांकि, ये सभी आरोप राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए हैं।
PM मोदी के बयान के बाद राहुल गांधी का पलटवार
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 अक्टूबर को दिए गए भाषण के बाद आई है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित किया था।
इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने और व्यवस्था में बाधा पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाह फैलाने और भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर किया था आगाह
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सलियों’ के प्रति सतर्क रहने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने देश में समान नागरिक संहिता यानी सेक्युलर सिविल कोड की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया था।
पीएम मोदी के इसी बयान के बाद राहुल गांधी ने विदेशी समर्थन और आर्थिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं के बयानों के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
![]()
Comments are off for this post.