Last updated: November 2nd, 2026 at 01:53 pm

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर घुसपैठियों का बचाव करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी असली संसद में प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे, लेकिन मॉक पार्लियामेंट में उन्हें यह मौका मिल सकता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे सोनिया गांधी को भी संतोष मिल जाएगा। शाह ने राहुल गांधी पर चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं समझने की जरूरत बताई।
राहुल गांधी को विशेष सत्र बुलाने की चुनौती
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी से सदन में आकर बहस करने को कहा।
शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देता और अराजकता के जरिए सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी संसद में चर्चा के लिए आते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सवालों का जवाब देंगे।
SIR को लेकर कांग्रेस पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप
हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस की रैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से आयोजित रैली को ‘वोट बचाओ’ के बजाय ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली बताया।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR की प्रक्रिया का विरोध कर बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची से बाहर होने से बचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी देश की मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिए का नाम हटाने और उन्हें देश से बाहर निकालने के अपने प्रयास जारी रखेगी।
वोटर लिस्ट से नाम हटने के आरोप पर अमित शाह का जवाब
राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप पर भी अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस दावे को गलत बताते हुए नाम हटने के पीछे अलग-अलग कारण गिनाए।
शाह के मुताबिक, करीब सवा 6 करोड़ मतदाता दूसरी जगह चले गए हैं, जबकि 2.8 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि लगभग एक करोड़ नाम डुप्लीकेट थे और करीब तीन करोड़ ऐसे नाम थे, जिनके मतदाता अस्तित्व में नहीं थे। शाह ने इन आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
संसद और मतदाता सूची के मुद्दे पर बढ़ा सियासी टकराव
अमित शाह के इस बयान के बाद SIR, मतदाता सूची और संसद में चर्चा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। एक ओर राहुल गांधी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं अमित शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाते हुए विशेष सत्र में चर्चा की चुनौती दी है।
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