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खान सर पर रौशन आनंद का बड़ा आरोप, बोले- ‘मेरी जान को भी खतरा, मुझे मरवा सकते हैं’

बिहार के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर और ज्ञान बिंदू के संचालक रौशन आनंद के बीच पुराना विवाद एक बार
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बिहार के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर और ज्ञान बिंदू के संचालक रौशन आनंद के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय बाद रौशन आनंद ने एक इंटरव्यू में इस पूरे मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और खान सर उन्हें भी मरवा सकते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने 2 जून की गोलीबारी, अपनी गिरफ्तारी और नेपाल में छोटे भाई प्रिंस की संदिग्ध मौत का भी जिक्र किया।

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    ‘द लल्लनटॉप’ को दिए इंटरव्यू में रौशन आनंद से पूछा गया कि क्या वह अपनी सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि बॉडीगार्ड रखना उनका शौक नहीं, बल्कि मजबूरी है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें अपनी जान को लेकर आशंका रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने वाला व्यक्ति खुद को सुरक्षित रखने के लिए उनकी जान तक ले सकता है।

    रौशन आनंद ने खान सर के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें धूर्त बताया। हालांकि, इंटरव्यू में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। खान सर पहले भी रौशन आनंद के आरोपों को बेबुनियाद बता चुके हैं।

    2 जून की गोलीबारी को लेकर रौशन आनंद ने उठाए सवाल

    दोनों कोचिंग संचालकों के बीच विवाद की बड़ी वजह 2 जून को पटना में खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के पास हुई गोलीबारी और पत्थरबाजी की घटना थी। उस समय खान सर की ओर से रौशन आनंद पर गोली चलवाने का आरोप लगाया गया था। मामला पुलिस तक पहुंचा और इसके बाद रौशन आनंद की गिरफ्तारी हुई।

    अब रौशन आनंद ने इस घटना की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उन्होंने खुद अपनी आंखों के सामने छह से सात राउंड फायरिंग होते देखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो तो यह सामने आ सकता है कि गोलीकांड सरकारी बॉडीगार्ड हासिल करने के उद्देश्य से कराया गया था।

    गिरफ्तारी पर भी पुलिस की कार्रवाई को घेरा

    रौशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि 2 जून की रात उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई और अगले दिन सुबह करीब चार बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    उन्होंने सवाल उठाया कि मामले की पूरी जांच किए बिना इतनी जल्दी गिरफ्तारी कैसे कर ली गई। रौशन आनंद का आरोप है कि उनके खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने जल्दबाजी की और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

    लड़कियों के शोषण से जुड़े आरोपों का भी किया जिक्र

    इंटरव्यू में रौशन आनंद ने खान सर के शुरुआती शिक्षण करियर से जुड़े कथित आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि खान सर के खिलाफ लड़कियों के शोषण को लेकर शिकायतें की गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की, तो दूसरी शिकायतों पर क्या कदम उठाए गए?

    रौशन आनंद ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। हालांकि, खान सर के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्य जरूरी हैं।

    छोटे भाई की मौत का जिक्र कर भावुक हुए रौशन आनंद

    इंटरव्यू के दौरान रौशन आनंद अपने छोटे भाई प्रिंस की मौत का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। विवाद के बीच नेपाल में प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया था।

    रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें उस व्यक्ति से नफरत है, जिसने उनसे उनका भाई छीन लिया। उन्होंने उस व्यक्ति का नाम लेने से भी इनकार किया। उनका दावा है कि वर्ष 2019 से ही कोई व्यक्ति उनके भाई को उनसे अलग करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया कि प्रिंस हमेशा उनके साथ सुरक्षा कवच की तरह खड़ा रहता था।

    रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रही यह कोशिश 2026 में सफल हो गई। हालांकि, भाई की मौत के पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    अनंत सिंह का जिक्र कर दोहराया चर्चित बयान

    अपनी गिरफ्तारी और मौजूदा परिस्थितियों पर बात करते हुए रौशन आनंद ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह कोई अपराधी थे, जो पुलिस सुबह चार बजे उनके घर पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने इस कार्रवाई में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

    इसी दौरान उन्होंने अनंत सिंह की चर्चित पंक्ति दोहराई- ‘ना जीने की खुशी, ना मरने का गम।’ रौशन आनंद ने कहा कि अब उनकी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही हो गई है। उनके इस बयान से भाई की मौत और विवाद के कारण उन पर पड़े भावनात्मक असर का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    गोलीकांड में बॉडीगार्ड की भूमिका भी आई थी सामने

    इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ तब आया था, जब 2 जून की घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती आरोपों के आधार पर रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सामने आए CCTV फुटेज की जांच में गोलीबारी के मामले में खान सर के बॉडीगार्ड की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस ने बॉडीगार्ड को भी गिरफ्तार किया था।

    इसी विवाद के दौरान रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने खान सर पर अपने भाई की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, खान सर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया था।

    पुराना विवाद फिर चर्चा में, निष्पक्ष जांच पर टिकी नजर

    रौशन आनंद के ताजा इंटरव्यू ने खान सर और ज्ञान बिंदू के बीच पुराने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक ओर रौशन आनंद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं, तो दूसरी ओर 2 जून की घटना, गिरफ्तारी और अपने भाई की मौत को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और दावों के बीच कई सवाल अब भी बने हुए हैं। गोलीकांड और प्रिंस की मौत से जुड़े आरोपों की सच्चाई आधिकारिक जांच और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।

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