Last updated: November 7th, 2026 at 03:07 pm

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के 52 अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। शासन ने 7 नवंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी कर अधिकारियों को चयन वेतनमान में प्रमोशन देने की मंजूरी दी। इस फैसले से प्रदेश के 2012, 2013 और 2014 बैच के अधिकारियों को लाभ मिलेगा। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों का ग्रेड पे 6600 रुपये से बढ़कर 7600 रुपये हो जाएगा। इसके साथ ही उन्हें वेतनमान के लेवल-11 से लेवल-12 का लाभ मिलेगा।
शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, विभागीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से चयन वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। पदोन्नति पाने वाले अधिकारी प्रदेश के अलग-अलग जिलों, विकास प्राधिकरणों और सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
इस सूची में 2012 बैच के दो अधिकारी शामिल हैं। इनमें लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव सुशील प्रताप सिंह और शाहजहांपुर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के पद पर तैनात रजनीश कुमार मिश्र का नाम है। दोनों अधिकारियों को चयन वेतनमान में पदोन्नति दी गई है।
वर्ष 2013 बैच के अधिकारियों में हिमांशु कुमार गुप्ता, राजेश कुमार यादव, जुबेर बेग, अमित कुमार भट्ट, ममता मालवीय, राहुल यादव, विनीत कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, सुखवीर सिंह और रामजी मिश्र शामिल हैं। इनके अलावा शिव प्रताप शुक्ला, वंदना त्रिवेदी, त्रिभुवन, सृष्टि धवन, सुरेंद्र प्रसाद यादव, पूजा मिश्रा, धीरेंद्र प्रताप, सलिल कुमार पटेल, रत्न प्रिया, मुहम्मद मोइनुल इस्लाम, अमिताभ यादव, माया शंकर यादव, गरिमा सिंह, राजेश कुमार पंचम और अमित कुमार-II को भी पदोन्नति का लाभ मिला है।
वहीं, 2014 बैच के अधिकारियों में अमिताभ रंजन श्रीवास्तव, दिनेश, गौरव श्रीवास्तव, सूर्यकांत त्रिपाठी, शशि भूषण राय, दीपाली भार्गव, विनय कुमार सिंह-II, अभय कुमार पांडेय-II, अमित कुमार, विवेक चतुर्वेदी और सुनील कुमार यादव शामिल हैं। इसके अलावा ज्योत्सना यादव, शिशिर कुमार, पूर्णिमा सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह-II, वंदिता श्रीवास्तव-II, प्रतिपाल चौहान, मीनू राणा, विकास कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव-II, महेंद्र पाल सिंह-II, प्रदीप कुमार-II, सुनीन्द्र सुधाकरन, प्रदीप वर्मा और ललित कुमार को भी चयन वेतनमान दिया गया है।
इन अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक और विभागीय पदों पर है। इनमें अपर जिलाधिकारी, अपर आयुक्त, विकास प्राधिकरणों के सचिव, विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, उप निदेशक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। इस पदोन्नति से अधिकारियों को आर्थिक लाभ के साथ उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और सेवा को भी मान्यता मिली है।
सरकारी सेवाओं में चयन वेतनमान का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इससे अधिकारियों को नियमित पदोन्नति की प्रतीक्षा के दौरान वेतन संरचना में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। हालांकि, चयन वेतनमान मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी अधिकारियों का तत्काल पदस्थापन या विभाग बदल दिया गया है। आदेश के अनुसार, उन्हें वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से इसका लाभ मिलेगा।
दिवाली से पहले जारी इस आदेश को प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। लंबे समय से चयन वेतनमान की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को इससे राहत मिलेगी। शासन के इस फैसले से प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों का मनोबल बढ़ने और विभागीय कामकाज में अनुभव का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद है।
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