Last updated: December 29th, 2025 at 04:00 pm

दिल्ली पुलिस ने साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के मास्टरमाइंड समेत 10 आरोपी गिरफ्तार, ₹50 करोड़ से अधिक का पर्दाफाश
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में गिरोह का मास्टरमाइंड समेत कुल 10 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को बड़ी रकम के निवेश का झांसा देकर ठगता था। अब तक इस गिरोह से जुड़े फ्रॉड का कुल आंकड़ा ₹50 करोड़ से अधिक बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह नेटवर्क केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था। इसके कई सदस्य अन्य राज्यों में भी सक्रिय थे। गिरोह ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लिकेशन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को आकर्षित किया। लोगों से उनके बैंक अकाउंट और डिजिटल पहचान का दुरुपयोग करके पैसे ऐंठे गए। इसके तहत फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन लोन, फ्रीज और अन्य डिजिटल स्कैम का सहारा लिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण कर आरोपी नेटवर्क का पूरा ढांचा उजागर किया। मास्टरमाइंड ने गिरोह के सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी हुई थीं। किसी ने निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया, किसी ने फर्जी वेबसाइट और एप्लिकेशन तैयार किया और किसी ने डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लोगों को आकर्षित करने के लिए बड़े लाभ का झांसा देता था। कई मामलों में तो पीड़ितों को डराने के लिए ब्लैकमेलिंग और धमकियां भी दी गईं। गिरोह का नेटवर्क इतना व्यवस्थित था कि पकड़ पाना मुश्किल था। लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल सबूतों की मदद से पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट, धारा 420 और अन्य अपराधों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अब आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी सम्पत्ति की जांच भी की जा रही है। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके द्वारा किए गए लेनदेन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित किया कि साइबर अपराध आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी डिजिटल निवेश या ऐप में पैसा डालने से पहले पूरी तरह जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के मामलों में गिरोह को पकड़ने के लिए तकनीकी जांच, डेटा एनालिटिक्स और अंतर‑राज्य सहयोग बहुत जरूरी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने यही तरीका अपनाया और बड़े सफलता हासिल की।
इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतना आवश्यक है। किसी भी ऑनलाइन योजना में जल्दी विश्वास करना और बड़ी रकम निवेश करना खतरे से खाली नहीं है। आम जनता को सतर्क रहने और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही डिजिटल लेनदेन करने की सलाह दी जाती है।
इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस ने यह संदेश दिया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और उनके नेटवर्क को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस भंडाफोड़ ने साइबर फ्रॉड की गंभीरता को उजागर किया और यह दिखाया कि तकनीकी जांच और सख्त पुलिस कार्रवाई से बड़े अपराध नेटवर्क को भी कुचलना संभव है।
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