Last updated: January 7th, 2026 at 12:41 pm

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंत्रियों के जिलों के दौरे तेज कर दिए हैं। सरकार के मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
इन दौरों के दौरान मंत्री जिला अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। वे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं और मौके पर जाकर योजनाओं की स्थिति भी देख रहे हैं। खासतौर पर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास से जुड़ी योजनाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि केवल फाइलों पर काम देखने से सही स्थिति सामने नहीं आती। इसलिए मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद जिलों में जाकर जमीनी हालात को समझें। इससे यह पता चल सकेगा कि योजनाएँ सही तरीके से लागू हो रही हैं या नहीं, और जनता को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दौरों के दौरान मंत्री आम लोगों से भी बातचीत कर रहे हैं। वे जनता की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दे रहे हैं। कई जिलों में जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ लोग सीधे अपनी बात रख पा रहे हैं। इससे सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत हो रहा है।
योगी सरकार ने साफ कहा है कि योजनाओं में लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन अधिकारियों के काम में कमी पाई जा रही है, उन्हें चेतावनी दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जा रही है। इससे प्रशासन में जिम्मेदारी की भावना बढ़ी है।
मंत्रियों के दौरों में कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। अपराध नियंत्रण, थानों की कार्यप्रणाली और जनता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और लोगों को सुरक्षित माहौल मिले।
इन दौरों का एक उद्देश्य यह भी है कि विकास कार्यों में आ रही समस्याओं को समय रहते दूर किया जाए। कई बार योजनाएँ जमीन पर इसलिए अटक जाती हैं क्योंकि छोटी-छोटी दिक्कतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। मंत्रियों की मौजूदगी से ऐसे मामलों का तुरंत समाधान हो रहा है।
सरकार का कहना है कि इस अभियान से प्रशासन ज्यादा सक्रिय और जवाबदेह बनेगा। जब मंत्री खुद जिलों में जाकर कामकाज देखेंगे, तो अधिकारियों पर भी बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा। इससे योजनाओं की गति तेज होगी और जनता को समय पर लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, यूपी में मंत्रियों के जिलों के दौरे तेज होना सरकार की गंभीरता को दिखाता है। यह कदम न सिर्फ योजनाओं की निगरानी के लिए अहम है, बल्कि जनता के भरोसे को मजबूत करने में भी मददगार साबित हो रहा है। आने वाले समय में इससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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