Last updated: March 10th, 2026 at 10:07 am

जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के वितरण से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद रसोई गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार लंबा इंतजार करने के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग जाती है। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण सभी को गैस सिलेंडर नहीं मिल पाता। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है। कई गांवों में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर गैस नहीं पहुंचने के कारण कई घरों में रसोई का काम भी प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि इन दिनों शादी-विवाह का मौसम होने के कारण गैस की मांग पहले से ज्यादा बढ़ गई है, जबकि एजेंसियों को जरूरत के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसके चलते गैस एजेंसियों पर रोजाना अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी हुई है।
क्या हैं नए नियम?
गैस वितरक एजेंसी के अनुसार, पहले कई बार उपभोक्ताओं को बिना बुकिंग के भी गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाता था और 21 दिनों के बाद दोबारा सिलेंडर लिया जा सकता था। लेकिन अब विभाग की ओर से नियमों में बदलाव किया गया है।
नए नियम के तहत अब गैस सिलेंडर लेने के लिए बुकिंग अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही एक बार सिलेंडर लेने के बाद 25 दिनों के भीतर दूसरा सिलेंडर नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल ओटीपी सिस्टम भी लागू किया गया है।
अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने के समय मोबाइल पर आए ओटीपी को बताना होगा, तभी सिलेंडर दिया जाएगा। हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद फिलहाल उपभोक्ताओं को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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