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नंदीग्राम में तृणमूल उम्मीदवार को जनता नहीं करेगी स्वीकार: सुवेंदु अधिकारी का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि नंदीग्राम की जनता तृणमूल कांग्रेस के उस उम्मीदवार को स्वीकार नहीं करेगी, जो 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का हिस्सा नहीं रहा है।

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    नंदीग्राम आंदोलन का संदर्भ

    पूर्व मेदिनीपुर जिले का नंदीग्राम वर्ष 2007 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए बड़े आंदोलन का केंद्र था। वाममोर्चा सरकार द्वारा प्रस्तावित रासायनिक हब के विरोध में हुए इस आंदोलन ने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी। इसी आंदोलन ने वाम शासन को कमजोर किया और ममता बनर्जी के सत्ता में आने का रास्ता साफ किया। उस समय सुवेंदु अधिकारी इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका में थे।

    सुवेंदु ने शुरू किया चुनाव प्रचार

    भाजपा में दिसंबर 2020 में शामिल होने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। उन्होंने लोगों से कहा कि नंदीग्राम ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन तृणमूल का शासन अपेक्षित परिवर्तन नहीं ला सका। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को समर्थन देने की अपील की, ताकि राज्य में मौजूदा सरकार को हटाया जा सके।

    तृणमूल उम्मीदवार पर निशाना

    सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पबित्र कर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नंदीग्राम आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। उनका कहना है कि जिस आंदोलन में लोगों ने अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया, वहां के लोग ऐसे उम्मीदवार को स्वीकार नहीं करेंगे। सुवेंदु अधिकारी इस बार भवानीपुर सीट से भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने नंदीग्राम के सोनाचुरा, गोकुलनगर और टेखाली क्षेत्रों में रैलियां कीं।

    रैली के दौरान नारेबाजी

    उनकी एक रैली जब तृणमूल उम्मीदवार के आवास के पास से गुजरी, तब कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। हालांकि, कोई विवाद नहीं हुआ और सुवेंदु अधिकारी ने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की। इसके बाद उन्होंने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में भी प्रचार किया और स्थानीय मतदाताओं से संवाद स्थापित किया। यह घटनाक्रम आगामी चुनाव को लेकर नंदीग्राम और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।

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