Last updated: April 17th, 2026 at 12:36 pm

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के बयान ने सदन का माहौल गरमा दिया। उनके विवादित और तीखे आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा देखने को मिला।
नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
बहस के दौरान पप्पू यादव ने राजनीतिक नेताओं पर नैतिकता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश में यौन शोषण से जुड़े मामलों में नेताओं की भूमिका चिंताजनक है। उनके इस बयान पर सदन में कई सांसदों ने आपत्ति जताई और ‘शेम-शेम’ के नारे लगाए।
विवादित टिप्पणी से बढ़ा तनाव
पप्पू यादव ने अपने संबोधन में नेताओं को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में कई गंभीर खामियां हैं, जिन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उनके इस बयान से सदन में माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
महिला आरक्षण बिल पर जताई आपत्ति
महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए अलग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरक्षण के भीतर उप-वर्गों को उचित हिस्सा मिले, तभी यह विधेयक प्रभावी होगा।
महिलाओं की स्थिति पर उठाए सवाल
उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में अब भी महिलाओं को समान अवसर और सुरक्षा नहीं मिल रही है। इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
संसद में बढ़ा टकराव
पप्पू यादव के बयान के बाद संसद में राजनीतिक माहौल और गरमा गया। सत्ता पक्ष ने उनके आरोपों को आपत्तिजनक बताया, जबकि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।
लोकसभा में दिए गए इस बयान ने महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस को और तीखा बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
![]()
Comments are off for this post.