Last updated: April 18th, 2026 at 12:46 pm

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में अब सुरक्षा भी अहम मुद्दा बनती नजर आ रही है। नई सरकार के गठन के बाद जदयू कोटे से बने दोनों उपमुख्यमंत्रियों—विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव की सुरक्षा बढ़ाकर Z श्रेणी कर दी गई है। इस फैसले को सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि सियासी संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
क्या है नई सुरक्षा व्यवस्था
राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया यह फैसला अब लागू हो चुका है। नई व्यवस्था के तहत दोनों नेताओं के साथ करीब 20 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी हर समय तैनात रहेंगे। इसमें केंद्रीय बलों के प्रशिक्षित कमांडो भी शामिल हो सकते हैं, जो उनकी सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं।
सियासी संतुलन का संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम नई सरकार के भीतर संतुलन और अहम चेहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इसे सत्ता के भीतर बढ़ते महत्व और जिम्मेदारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
नीतीश कुमार पहले से Z+ सुरक्षा में
बिहार के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और विशेष कमांडो तैनात रहते हैं, जो उनके राजनीतिक कद को दर्शाता है।
सुरक्षा के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
नई सुरक्षा व्यवस्था में मोबाइल एस्कॉर्ट, आवासीय सुरक्षा और हर समय निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे साफ है कि सरकार अपने प्रमुख नेताओं की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
बदलते सियासी माहौल की झलक
बिहार में बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था को बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत माना जा रहा है। यह दिखाता है कि अब सुरक्षा भी राजनीतिक ताकत और प्रभाव का हिस्सा बनती जा रही है।
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