Last updated: April 18th, 2026 at 12:58 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने प्रचार अभियान को और धार देने के लिए झारखंड के नेताओं को मैदान में उतार दिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन अब ममता बनर्जी के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे।
आदिवासी इलाकों पर खास फोकस
हेमंत सोरेन का प्रचार मुख्य रूप से बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में केंद्रित रहेगा। इन क्षेत्रों को जंगलमहल के नाम से जाना जाता है, जहां आदिवासी मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है।
रणनीति के पीछे की सोच
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जंगलमहल क्षेत्र के लोगों का झारखंड से सांस्कृतिक जुड़ाव है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभिषेक बनर्जी और हेमंत सोरेन के बीच रणनीति बनाई गई है, ताकि भाजपा की पकड़ को कमजोर किया जा सके।
गठबंधन का संदेश
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट हैं। हेमंत सोरेन और अभिषेक बनर्जी की नजदीकी भी इस राजनीतिक तालमेल को मजबूत बना रही है।
चुनावी समीकरण पर नजर
पिछले चुनावों में इस क्षेत्र में भाजपा ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इस बार TMC आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में हेमंत सोरेन का प्रचार अभियान चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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