Last updated: April 21st, 2026 at 07:34 am

Bihar Politics: राजधानी पटना में रविवार को ‘नारी शक्ति’ के मुद्दे पर सियासत चरम पर दिखी, जब NDA के बैनर तले आयोजित जन आक्रोश महिला मार्च और सम्मेलन में हजारों महिलाओं ने भाग लिया। गांधी मैदान में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा।
कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और केंद्र की सरकार महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने “सियासी स्वार्थ” के चलते महिलाओं के अधिकारों को रोका। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह विधेयक लागू हो जाता, तो बिहार में महिला प्रतिनिधित्व कई गुना बढ़ सकता था।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला आरक्षण बिल का पारित न होना देश की आधी आबादी के सम्मान पर चोट है। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे बिहार में गांव-गांव तक पहुंचेगा।
आक्रोश मार्च में दिखा महिलाओं का जोश
गांधी मैदान में चिलचिलाती धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं ने तख्तियां लेकर विरोध जताया और “हम अपना हक लेकर रहेंगे” जैसे नारे लगाए। कई महिलाओं ने प्रतीकात्मक विरोध भी किया, जिससे माहौल और ज्यादा गरम हो गया।
विपक्ष पर एकजुट हमला
सम्मेलन में मौजूद महिला नेताओं ने विपक्ष पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव के समय महिलाओं के नाम पर वादे किए जाते हैं, लेकिन जब उन्हें राजनीतिक भागीदारी देने की बात आती है तो विपक्ष पीछे हट जाता है।नेताओं ने यह भी कहा कि यह मुद्दा अब सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी का है।
आगे क्या?
NDA नेताओं ने साफ संकेत दिए हैं कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होगा। जिला और प्रखंड स्तर पर भी आक्रोश मार्च निकालने की तैयारी है, जिससे यह मुद्दा राज्यव्यापी अभियान का रूप ले सकता है।
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