Last updated: April 21st, 2026 at 08:18 am

Bihar Politics: बिहार में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य के सैकड़ों राजस्व कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 200 से अधिक निलंबित कर्मियों का सस्पेंशन खत्म करने का फैसला लिया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, उनकी सेवा बहाल की जाएगी। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में कुल 224 राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। ये कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से हड़ताल पर थे, जिससे जमीन से जुड़े कार्यों पर व्यापक असर पड़ा।
हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण और अन्य जरूरी प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए थे। इसके साथ ही जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई थी, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ रहा था।
राज्य के राजस्व कर्मचारी बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में वेतनमान में सुधार, गृह जिले में तबादला, कार्य प्रणाली में बदलाव और कार्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल था।
वहीं, अंचल स्तर के अधिकारी भी इस आंदोलन में शामिल रहे। कई अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका था, लेकिन अब सरकार के इस नए फैसले के बाद हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कर्मचारी कब तक पूरी तरह काम पर लौटते हैं और व्यवस्था कितनी जल्दी पटरी पर आती है।
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