Last updated: April 25th, 2026 at 05:02 am

बिहार सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि नवंबर तक करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ निवेश लाना नहीं, बल्कि इसके जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना और राज्य से बाहर जाने की मजबूरी को कम करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि पहले के कार्यकाल में भी राज्य में निवेश आया था, लेकिन उसकी जानकारी और प्रभाव को सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंचाया गया। अब सरकार इस कमी को दूर करने पर ध्यान दे रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और नीतियों ने बिहार को एक नई दिशा दी है। शराबबंदी जैसे फैसलों को उन्होंने सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम कदम बताया।
सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार के संकेत दिए हैं। योजना के तहत बड़ी संख्या में प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे और स्थानीय अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर न करना पड़े।
इसके अलावा, परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जलमार्ग को भी विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी बाढ़ समस्या थी, अब वही इलाका कृषि के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रहा है।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से बिहार में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और राज्य विकास की नई गति पकड़ सकेगा।
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