Human Live Media

HomeNewsबंगाल चुनाव में गरजे अमित शाह, बोले पूर्वी भारत में बदलाव की आंधी, TMC पर साधा निशाना

बंगाल चुनाव में गरजे अमित शाह, बोले पूर्वी भारत में बदलाव की आंधी, TMC पर साधा निशाना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमिक शाह
article-62

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमिक शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस और कई चुनावी सभाओं के दौरान राज्य की सत्ताधारी TMC पर तीखा हमला बोला और भाजपा की जीत का भरोसा जताया।

Table of Contents

    शाह ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में जनता ने बदलाव के पक्ष में खुलकर वोट किया है। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें बड़ी संख्या में भाजपा को समर्थन मिलने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, राज्य में सत्ता परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से चल रही सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी है और इस बार चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।

    चुनावी रैलियों के दौरान शाह ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताया। उत्तर 24 परगना के हिंगलगंज में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो महिलाओं के साथ हुए अपराधों के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

    सीमा से जुड़े इलाकों में अवैध गतिविधियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मवेशी तस्करी और राजनीतिक हिंसा पर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही। शाह ने कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    इसके साथ ही उन्होंने राज्य में कथित ‘सिंडिकेट सिस्टम’ और भ्रष्टाचार के आरोपों को भी उठाया और कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद इस तरह की व्यवस्थाओं को समाप्त किया जाएगा।

    शाह ने पहले चरण के मतदान प्रतिशत को लेकर संतोष जताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की सराहना भी की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बंगाल चुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा है, जहां एक तरफ भाजपा सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस अपने गढ़ को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    Loading

    Comments are off for this post.