Last updated: April 25th, 2026 at 07:45 am

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग और खास अंदाज देखने को मिला, जहां उन्होंने हुगली नदी के किनारे आध्यात्म, संस्कृति और जनसंपर्क का अनूठा संगम पेश किया। चुनावी रैलियों की व्यस्तता के बीच पीएम ने सुबह के समय घाट पर पहुंचकर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को करीब से महसूस किया और कैमरे में कैद किया।
प्रधानमंत्री ने सुबह की शांति में हुगली नदी के तट पर विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज के मनमोहक दृश्यों की तस्वीरें लीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि बंगाल की आत्मा और सभ्यता की पहचान है।
इस दौरान उनका दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। स्थानीय नाविकों को भी उनके आगमन की जानकारी आखिरी समय में ही मिली। प्रधानमंत्री ने नाविकों से बातचीत कर उनका हाल जाना और सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से मिलकर सामाजिक एकता और आपसी प्रेम को बनाए रखने की अपील भी की।
गंगा तट पर आम लोगों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने बंगाल के विकास और जनता के साथ अपने जुड़ाव को भी दोहराया। इसके बाद उन्होंने चुनावी सभाओं में हिस्सा लेते हुए महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा भाजपा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर और उत्तर 24 परगना समेत कई इलाकों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के मतदान के बाद सत्ताधारी दल दबाव में है और जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पीएम का यह दौरा केवल चुनाव प्रचार नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति और जनता से भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा भी है।
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