Last updated: April 26th, 2026 at 06:24 am

Delhi Politics: दिल्ली की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए अपने सात राज्यसभा सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी अब इन सांसदों की सदस्यता समाप्त कराने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। उनका कहना है कि पार्टी बदलना न केवल राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है, बल्कि यह संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लंघन है।
संजय सिंह ने दलबदल विरोधी कानून का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत संसद में किसी भी तरह के अलग गुट को मान्यता नहीं दी जा सकती। ऐसे में इन सांसदों का बीजेपी में जाना नियमों के खिलाफ है और इस पर कार्रवाई जरूरी है।
बताया जा रहा है कि जिन सांसदों पर कार्रवाई की बात हो रही है, उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी शामिल हैं, जो हाल ही में भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। अन्य सांसदों के खिलाफ भी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
इस पूरे मामले पर AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी एक जनआंदोलन से बनी है, जहां नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने माना कि पार्टी फिलहाल चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इससे संगठन की ताकत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में राजनीतिक दबाव, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सत्ता परिवर्तन जैसे कारणों से कुछ नेताओं का पार्टी छोड़ना असामान्य नहीं है। हालांकि, पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी और कानूनी तरीके से इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगी।
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