Last updated: April 28th, 2026 at 06:58 am

Bihar Politics: बिहार के एक गांव में आग से प्रभावित परिवारों का हाल जानने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने न केवल पीड़ितों से मुलाकात की, बल्कि शिक्षा को लेकर एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया। वे प्रखंड क्षेत्र के पूरन बिगहा गांव पहुंचे, जहां हाल ही में आग लगने से कई घर जल गए थे।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान मांझी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बिना पढ़ाई के व्यक्ति अपने अधिकारों को न तो समझ सकता है और न ही उन्हें हासिल कर सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों चाहे बेटा हो या बेटी को नियमित रूप से स्कूल भेजें।
अपने संबोधन में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए भावुक अंदाज में बताया कि उनके पिता एक साधारण किसान थे और गांव में उन्हें “भगतवा” कहकर बुलाया जाता था। जब वे पढ़ाई कर रहे थे, तब लोग उनके पिता का मजाक उड़ाते थे और कहते थे कि बेटे को पढ़ाकर क्या कलेक्टर बनाएंगे। लेकिन उनके पिता ने किसी की नहीं सुनी और उन्हें पढ़ाया।
मांझी ने कहा कि उसी शिक्षा का परिणाम है कि आज वे समाज और देश की सेवा करने की स्थिति में हैं और एक बड़े पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा ही वह साधन है जो किसी भी व्यक्ति की किस्मत बदल सकता है।
इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए तेजी से काम किया है। मौके पर स्थानीय प्रशासन के कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, यह दौरा केवल राहत और निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी बन गया, जिसमें शिक्षा को जीवन बदलने का सबसे बड़ा हथियार बताया गया।
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