Last updated: May 3rd, 2026 at 06:55 am

बिहार में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं, जहां वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान कैबिनेट विस्तार के अंतिम स्वरूप पर सहमति बन सकती है। खास तौर पर गृह मंत्री Amit Shah के साथ होने वाली बैठक को निर्णायक माना जा रहा है।
बैठकों का लंबा शेड्यूल
दिल्ली में मुख्यमंत्री का पूरा दिन व्यस्त कार्यक्रमों से भरा रहा। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात की। इसके अलावा गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, वित्त मंत्री निर्मला सितारमण और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से भी उनकी बैठक तय रही।
क्या है कैबिनेट विस्तार का गणित?
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा कोटे से इस बार करीब 16 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें ज्यादातर पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, जदयू खेमे में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन वहां से भी कुछ नए नाम शामिल हो सकते हैं। एनडीए के अन्य सहयोगी दलों में भी लगभग नाम तय माने जा रहे हैं।
नीतीश से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम नीतीश कुुमार से मुलाकात की थी। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संभावित मंत्रियों और राजनीतिक संतुलन पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
भव्य हो सकता है विस्तार समारोह
सूत्रों का कहना है कि जहां हालिया शपथ ग्रहण सादगी से हुआ था, वहीं इस बार मंत्रिमंडल विस्तार को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। इसमें पार्टी के कई बड़े राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नए मंत्रिमंडल में किन चेहरों को मौका मिलेगा और कौन बाहर रहेगा। बिहार की सियासत में यह फैसला आने वाले दिनों की दिशा तय कर सकता है।
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